इंडियाफर्स्ट लाइफ परिवार अपने कर्मचारियों, अभिकर्ताओं एवं वितरकों के प्रयासों को अपने सामुदायिक विकास कार्यक्रमों में प्रयोग करने का निरन्तर प्रयास करता है।

माइक्रो इंश्योरेंस के साथ लोक बाजार की सहायता करना
बीमा आम जनों तक पहुंचे, उसे लिए भारत में एक वित्तीय समावेशन मॉडल की जरूरत है, जो निष्पक्ष, पारदर्शी, किफायती, विनियमित हो तथा जिसमें मौजूदा इन्फ्रास्ट्रक्चर का सही से लाभ उठाया जाए। इंडियाफर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस में हमने लोक बाजार तक उचित मूल्य, सरल, व्यापक एवं कुशल सेवा वाला बीमा प्रदान करने का लक्ष्य रखा हुआ है। हम अपने प्रयासों को सुचारू रूप से व्यवस्थित कर रहे हैं, ताकि बीमा उद्योग को ना केवल किफायती बनाया जा सके, बल्कि यह लोक बाजार के लिए सुलभ एवं आकर्षक भी हो।

वित्तीय समावेशी बीमा (पीएमजेजेबीवाई)
इंडियाफर्स्ट लाइफ एक बीमा कम्पनी है, जो भारत सरकार द्वारा बढ़ावा दी जाने वाली वित्तीय समावेशन योजनाओं में सक्रिय रूप से सहभागिता करती है। पीएमजेजेबीवाई एक बैंक खाता है, जिसे एक ग्रुप टर्म एश्योरेंस कवर से लिंक किया जाता है, जिसमें रु 300 का प्रीमियम और रु 2,00,000 का निश्चित कवर होता है। हम यह योजना अपने बैंक पार्टनर्स के माध्यम से प्रौद्योगिकी की सहायता से प्रदान करते हैं, जिसमें एक पूर्णतया समेकित एवं किफायती वितरण मॉडल है। जून वर्ष 2015 में इस योजना को आरम्भ किए जाने के बाद से इसके अन्तर्गत एक वर्ष में लगभग 25 लाख लोगों को बीमित किया गया था।

इंडियाफर्स्ट लाइफ को गर्व है कि हमने समावेशी विकास को ध्यान में रखते हुए ग्राम स्तर उद्यमियों (वीएलई) के माध्यम से अपने उत्पादों के वितरण के लिए अनुबंध किए हैं। दोनों पार्टनर्स के प्रौद्योगिकी पोर्टल के समामेलन के कारण वितरण प्रक्रिया पूर्णतया निर्बाध है। इंडियाफर्स्ट लाइफ इन ग्राम-स्तर उद्यमियों को बुनियादी स्तर से काम सिखाती है, और सीएससी अभियान के माध्यम से ग्रामीण भारत का कौशल निखारती है, ताकि वे सामाजिक और वित्तीय विकास को बेहतर बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

दूरस्थ ग्रामीण समुदायों तक बीमा पहुंचाना
इंडियाफर्स्ट लाइफ की लघु और लोक बाजार बीमा रणनीति के अंग के रूप में हमने 'आईएफएमआर ग्रामीण चैनलों' के साथ गठबंधन किया है, ताकि भारत के दूरस्थ ग्रामीण जिलों इंडियाफर्स्ट लाइफ जीवन बीमा पॉलिसियों का वितरण किया जा सके। इंडियाफर्स्ट लाइफ भारत के तमिलनाडु राज्य के पांच जिलों में चार केन्द्रों में क्षेत्रीय ग्रामीण वित्तीय सेवा (केजीएफएस) के माध्यम से जीवन बीमा पॉलिसियां प्रदान करेगा।

हमारे कर्मचारी किस तरह से अपने समुदायों की सहायता करते हैं
त्यौहारों के समय के दौरान हम भारतीय लोग हमारे उपहारों के माध्यम से मुस्कान बिखेरते हैं। इंडियाफर्स्ट लाइफ के परिसरों में गैरसरकारी संगठनों द्वारा स्टॉल सेटअप करने की व्यवस्था करने के द्वारा हम सुनिश्चित करते हैं कि हमारे कर्मचारी भी त्यौहारों को अच्छे से मनाएं।

इंडियाफर्स्ट लाइफ के कर्मचारी अपने और अपने परिजनों हेतु इन उपचार की वस्तुओं को उदारतापूर्वक खरीदते हैं, इसके अलावा वे कपड़ों, बैग, खिलौनों, पुस्तकों, समाचारपत्रों आदि के रूप में दान भी देते हैं, और निर्धन एवं असहाय लोगों के कल्याण में अपना योगदान भी देते हैं।

इंडियाफर्स्ट लाइफ में कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी एक सतत निवेश है, जिसमें सभी लोगों का शामिल होना सुनिश्चित किया जाता है, ताकि लोगों में गौरव की भावना निर्मित हो, ना केवल संगठन के लिए, बल्कि कम्पनी से जुड़े सभी लोगों के लिए। जैसे कि कहावत है - दान की शुरुआत अपने घर से होती है'। इंडियाफर्स्ट लाइफ समाज की सहायता करने और समाज को वापस लौटाने पर ध्यान केन्द्रित करती है, चाहे वह मौद्रिक लाभों के माध्यम से हो अथवा फिर किसी अन्य रूप में सहायता करने के माध्यम से हो।

वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए सीएसआर पहल

इंडियाफर्स्ट लाइफ ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में हमारी सीएसआर गतिविधियों के अंग के रूप में निम्नलिखित के साथ भागीदारी की है।

1.सेवा (एसईडब्ल्यूए):
सेवा (एसईडब्ल्यूए) भागीदारी हमें महिला सशक्तीकरण पहल पर कार्य करने में सहायता करेगी।

2.सीएससी अकादमी:
सीएससी अकादमी भागीदारी हमें आजीविका सुधार परियोजनाएं प्रदान करने में सहायता करेगी।

3.कोविड-19 के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष:
हमने कोविड-19 के विरुद्ध युद्ध में भारत की सहायता करने के दृष्टिकोण से योगदान किया है, यह विश्व के सम्मुख एक अभूतपूर्व चुनौती है।