श्री विक्रमादित्य सिंह खीची - निदेशक

श्री विक्रमादित्य सिंह खीची

निदेशक

श्री खीची के पास बीएससी एवं एमबीए (फाइनेंस एवं मार्केटिंग) की डिग्री है, तथा जीवन बीमा में CAIIB एवं एसोसिएट की पेशेवर योग्यता है।

बैंक ऑफ बड़ौदा से जुड़ने से पहले वह देना बैंक में फील्ड जनरल मैनेजर (गुजरात प्रचालन) में कार्यरत थे।

वह दिसम्बर 1985 में देना बैंक में एक परिवीक्षाधीन अधिकारी के रूप में जुड़े थे, वह धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए मई 2015 में फील्ड जनरल मैनेजर (गुजरात प्रचालन) के रूप में पदोन्नत हुए।

देना बैंक में विभिन्न क्षमताओं में सेवा प्रदान करने के 33 वर्षों की अवधि के दौरान उन्होंने फील्ड स्तर पर प्रचालन अनुभव एवं नियंत्रण कार्यालय में नियोजन / पॉलिसी सूत्रीकरण का एक संयोजन स्थापित किया। अपनी कार्य अवधि के दौरान उन्होंने प्रमुख विभागों का अच्छा अनुभव हासिल किया है, जैसे कि खुदरा बैंकिंग, मार्केटिंग (नई पहल और उत्पाद विकास), मर्चेन्ट बैंकिंग, रिकवरी मैनेजमेन्ट, विदेशी व्यापार केन्द्र आदि।

उन्होंने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, गुजरात के संयोजक के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए नेतृत्व गुणों का प्रदर्शन किया, और गुजरात में सरकार की विभिन्न वित्तीय समावेशन पहलों का निष्पादन करने के लिए राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न बैंकों, आरबीआई, बीमा कम्पनियों एवं विभिन्न संगठनों के शीर्ष कार्यकारियों के साथ मिलकर प्रयास किए।

श्री एम. नागाराजू - निदेशक

श्री एम. नागाराजू

निदेशक

श्री एम. नागाराजू ने 7 अप्रैल 2017 को महाप्रबन्धक के रूप में पदभार ग्रहण किया है, और वह इस समय हैदराबाद में बैंक के मुख्यालय में मानव संसाधन, प्रशिक्षण एवं सहायता सेवा प्रकार्यों के प्रभारी हैं।

इनके पास आचार्य नागार्जुना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक डिग्री और एम.बी.ए. (एचआर) की डिग्री है। ये जुलाई 1983 में बैंक में शामिल हुए, और उसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न पदों समेत प्रशासनिक एवं प्रबन्धन स्तरों पर सेवा प्रदान करते हुए महाप्रबन्धक के पद तक पहुंचे। इन्होंने बैंक के चेन्नई अंचल में आंचलिक प्रबन्धक के रूप में कार्य किया है। इन्होंने मुम्बई में बैंक के ट्रेजरी का नेतृत्व भी किया है। अपने आरम्भिक दायित्व-निर्वहन के दौरान इन्होंने लघु से लेकर अत्यधिक विशाल शाखाओं के शाखा प्रबन्धक के रूप में कार्य किया है, और कॉरपोरेट ऋण, धोखाधड़ी जोखिम प्रबन्धन, सतर्कता विभाग, बैंक के एपेक्स कॉलेज में संकाय, तथा ईडी के कार्यकारी सचिव के रूप में भी कार्य किया है।

ये एक सुदृढ़ व्यावसायिक कुशाग्रता वाले नेतृत्वकर्ता हैं, इन्होंने बैंक में बहुत से कार्य-दायित्वों को सफलतापूर्वक प्रबन्धित किया है।

श्री नरेन्द्र ओस्तवाल - निदेशक

श्री नरेन्द्र ओस्तवाल

निदेशक

श्री ओस्तवाल वर्ष 2007 में वारबर्ग पिंकस में शामिल हुए, और तब से इसके भारतीय एफ्लिएट (सम्बद्ध कम्पनी) के साथ कार्यरत रहे हैं। वह भारत में इस कम्पनी की निवेश परामर्श गतिविधियों में शामिल रहे हैं, भारत की वित्तीय सेवाओं एवं स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में अवसरों का मूल्यांकन करते हैं।

वारबर्ग पिंकस से जुड़ने से पहले श्री ओस्तवाल 3आई इंडिया एवं मैककिंसी एवं कम्पनी के साथ कार्यरत थे।

वह लॉरस लैब्स लिमिटेड, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड, डीबी पॉवर एवं ग्रुप कम्पनीज, कम्प्यूटर ऐज मैनेजमेन्ट सर्विसेज प्राईवेट लिमिटेड, स्टरलिंग सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड एवं फ्यूजन माइक्रोफाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं।

श्री ओस्तवाल के पास भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान से सनदी लेखाकार की डिग्री और भारतीय प्रबन्धन संस्थान, बैंगलोर से एमबीए की डिग्री है।

श्री राधाकान्त माथुर - निदेशक

श्री राधाकान्त माथुर

निदेशक

श्री राधाकान्त माथुर ने JAIIB की पेशेवर योग्यता के साथ ही साथ अभियांत्रिकी (कृषि) में स्नातक किया हुआ है।

श्री माथुर वर्ष 1983 में बैंक ऑफ बड़ौदा से जुड़े हैं। अपने शानदार कैरियर में उन्होंने फील्ड स्तर पर विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया है, और महाप्रबन्धक के पद तक पहुंचे हैं। वह बैंक ऑफ बड़ौदा - यूके प्रचालन के लंदन मुख्यालय के प्रमुख रहे हैं। वह और भी प्रमुख पदों पर कार्यरत रह चुके हैं, जैसे कि लंदन ग्रुप कन्ट्रोल ऑफिस में उप प्रमुख कार्यकारी, तथा ग्रामीण एवं कृषि बैंकिंग विभाग, अनुशासनात्मक कार्रवाई विभाग तथा घरेलू सहायक कम्पनी विभाग के प्रमुख रहे हैं।

अपने 36 वर्षों के कार्यकाल में श्री माथुर ने प्रचालन और प्रशासन दोनों का अच्छा अनुभव हासिल किया है, जिसमें क्रेडिट, अनुशासनात्मक कार्रवाई, रिकवरी एवं ग्रामीण बैंकिंग के क्षेत्रों में नीतियों का सूत्रीकरण शामिल है।

श्री कृष्णा अंगारा - स्वतंत्र निदेशक

श्री कृष्णा अंगारा

स्वतंत्र निदेशक

श्री अंगारा एक्सेन्चर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में परामर्शदाता (संचार, मीडिया एवं प्रौद्योगिकी) रहे हैं। वह 16 अक्टूबर, 2017 से केपीएमजी, मुम्बई की एडवाइजरी फर्म में एक वरिष्ठ परामर्शदाता भी रहे हैं। इससे पहले वह वोडोफोन इंडिया सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड एवं वोडाफोन एस्सार लिमिटेड में प्रचालन के निदेशक थे। वहां पर वह समग्र व्यवसाय उत्पाद विकास, मार्केटिंग पहल, ग्राहक सम्बन्ध, नेटवर्क विकास, मानव संसाधन, फोरकास्टिंग एवं वित्तीय लाभदेयता का प्रबन्धन करते थे।

इसके पहले वह बीपीएल मोबाइल लिमिटेड एवं आरपीजी रिकोह लिमिटेड के अध्यक्ष एवं सीईओ भी रह चुके हैं। श्री अंगारा की विशेषज्ञता नए व्यवसाय आरम्भ करने में है, जिसमें वित्तीय एवं प्रचालन सफलता हासिल करने, उत्पाद एवं प्रबन्धन नवाचार, व्यय प्रबन्धन एवं ग्राहक संतुष्टि पर केन्द्रित किया जाता है।

श्री आलोक वाजपेयी - स्वतंत्र निदेशक

श्री आलोक वाजपेयी

स्वतंत्र निदेशक

श्री वाजपेयी एक सनदी लेखाकार हैं और अर्नस्ट और व्हाइनी - लदंन में कार्यरत रहे हैं, इस समय वह फिनटेक पर भारत में डीआईटी (यूके सरकार) के बाह्य परामर्शदाता हैं। वह एवी एडवाइजरी के अध्यक्ष तथा डिजिटल गोल्ड इंडिया के निदेशक हैं, यह इन्वेन्ट कैपिटल तथा वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के बीच में एक संयुक्त उपक्रम है।

श्री वाजपेई ने वर्ष 2005 में भारत में डॉने डे एवी नामक कम्पनी खोली थी, जिसमें यह उपाध्यक्ष थे, यह विभिन्न प्रकार की वित्तीय सेवाएं प्रदान करने वाली एक क्षेत्रीय कम्पनी थी। उन्होंने वर्ष 2009 में उस कम्पनी को सफलतापूर्वक बेच दिया, और वर्ष 2010 में कठोर गैर-प्रतिस्पर्धात्मक अनुबंध किया।

श्री वाजपेयी ने अपने दीर्घकालिक कैरियर में विनियामकों के साथ काफी करीब से काम किया है और म्युच्युअल फंड इंडस्ट्री में निवेश आधारित अभ्यास पेश एवं क्रियान्वित किए हैं, तथा वह काफी जिम्मेदारी भरे पदों पर रहे हैं जैसे कि भारतीय प्रतिभूमि विनियम बोर्ड (सेबी) प्रतिभूति बाजार इन्फ्रास्ट्रक्चर लीवरेज विशेष कार्य बल के सदस्य रहे हैं, तथा एएमएफआई के बोर्ड में निदेशक रहे हैं। वह वेबी, स्टॉक एक्सचेन्ज, तथा उद्योगजगत की संस्थाओं समेत विभिन्न पूंजी बाजार निर्गम (कैपिटल मार्केट ईश्यू) में कार्य किए हैं।

वर्ष 2012 से श्री वाजपेयी एक क्रमिक उद्यमी और जोखिम (वेंचर) निवेशक रहे हैं, तथा विभिन्न प्रकार की कम्पनी में निवेशक, परामर्शदाता एवं बोर्ड निदेशक रहे हैं।

श्री अरूण चोगले - स्वतंत्र निदेशक

श्री अरूण चोगले

स्वतंत्र निदेशक

श्री चोगले एफएमसीजी के क्षेत्र में एक पुराने अनुभवी पेशेवर हैं, इनके पास एक मजबूत ग्राहक एवं मार्केटिंग उन्मुखीकरण है, वह उपभोक्ता एवं खुदरा क्षेत्र में अपनी स्वयं की ब्रांड एडवाइजरी एवं स्ट्रैटेजिक कन्सल्टिंग प्रैक्टिस करते हैं, इनके पास एसएमई, बड़ी भारतीय कम्पनियां एवं बहु राष्ट्रीय कम्पनियां हैं।

अपनी कंसल्टिंग प्रैक्टिस से पहले 30 वर्षों तक भारत और विदेशों में उनका एक विविधतापूर्ण और सफल मार्केटिंग कैरियर रहा है। वह अपने क्षेत्र की दो सबसे प्रमुख कम्पनियों - प्रॉक्टर एंड गैम्बल और ब्रिटिश अमेरिकल में सामान्य प्रबन्धन और उपभोक्ता मार्केटिंग में वरिष्ठ नेतृत्व पदों पर कार्य किए हैं।

वह वर्तमान समय में एडवाइजर एवं मैनेजमेन्ट कन्सलटेन्ट हैं, वह खुदरा एवं उपभोक्ता उत्पादों में विशेषज्ञ हैं, उनके क्लाइंटों में नील्सन एवं अन्य संगठनों का नाम आता है।

श्री नटराजन श्रीनिवासन - स्वतंत्र निदेशक

श्री नटराजन श्रीनिवासन

स्वतंत्र निदेशक

61 वर्षीय एन श्रीनिवासन एक वाणिज्य स्नातक हैं, और भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान, तथा भारतीय कम्पनी सचिव संस्थान के सदस्य हैं। उनके पास कॉरपोरेट दुनिया का 35 वर्षों से अधिक का अनुभव है, जिसमें वित्त, विधि, परियोजना एवं सामान्य प्रबन्धन जैसे कार्य शामिल हैं।

उन्होंने अपने कैरियर का आरम्भ भेल (BHEL) से किया था, वहीं पिछले वर्षों के दौरान वह चेन्नई की एक प्रमुख कम्पनी मुरुगप्पा समूह में सेवारत रहे हैं, जहां पर वह कई वरिष्ठ पदों पर सेवा प्रदान किए हैं जैसे कि मुरुगप्पा बोर्ड के सदस्य / निदेशक, मुरुगप्पा समूह के समूह वित्त निदेशक, लीड निदेशक वित्तीय सेवा व्यवसाय (एनबीएफसी एवं सामान्य बीमा व्यवसाय), चोलामण्डलम इन्वेस्टमेन्ट एवं फाइनेंस कम्पनी लिमिटेड के कार्यकारी उपाध्यक्ष तथा प्रबन्ध निदेशक।

इसके अलावा वह ट्यूब इन्वेस्टमेन्ट्स ऑफ इंडिया लिमिटेड, चोलामण्डलम एमएस जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड, तथा टीआई फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड के बोर्ड में शामिल रह चुके हैं। उन्होंने नवम्बर 2018 में सेवानिवृत्ति ली है।

भारत सरकार ने उन्हें इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड लीजिंग फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के बोर्ड पर नियुक्त किया है, तथा उन्हें आईएलएफएस की इन कम्पनियों - आईएलएफएस फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड, आईएलएफएस तमिलनाडु पावर कम्पनी लिमिटेड, तमिलनाडु वॉटर इन्वेस्टमेन्ट कम्पनी लिमिटेड तथा न्यू तिरुपुर एरिया डेवलपमेन्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड के बोर्ड में भी शामिल किया गया है।

इसके अतिरिक्त वह गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड के बोर्ड में भी एक स्वतंत्र निदेशक के रूप में शामिल हैं।

सुश्री आर.एम. विशाखा - एमडी एवं सीईओ

सुश्री आर.एम. विशाखा

एमडी एवं सीईओ

आरएम विशाखा इंडियाफर्स्ट लाइफ की एमडी एवं सीईओ हैं, वह चुनौतीपूर्ण एसाइनमेन्ट समेत स्टार्ट-अप, पुनर्संरचना एवं पुनर्संगठन (रिस्ट्रक्चरिंग एवं रिऑर्गेनाइजेशन) के प्रति अपने परिणामोन्मुखी नेतृत्व कार्यपद्धति के लिए ख्यात हैं, और इससे पहले वह हमारी कम्पनी में मुख्य व्यवसाय अधिकारी के रूप में कार्यरत थीं। इंडियाफर्स्ट लाइफ से पहले वह कैनरा एचएसबीसी ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स लाइफ इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड में सेल्स एवं मार्केटिंग की निदेशक रही हैं।

विशाखा सदैव कम्पनी के उद्देश्यों एवं प्रकार्यों तथा कर्मचारी, प्रबन्धक, वितरक एवं शेयरधारकों की अपेक्षाओं के बीच के महत्वपूर्ण संतुलन को बनाए रखने का लगातार प्रयास किया है। संसाधनपूर्ण क्रियान्वयन द्वारा समर्थित रणनीतिक वृद्धि प्रदान करने की अपनी क्षमता के माध्यम से उन्होंने कैरियर में बहुत से महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किए हैं, जिसमें शामिल है - पब्लिक एवं प्राइवेट सेक्टर के साथ ही साथ विदेशी बैंकों में सर्वप्रथम खुदरा बैंकएश्योरेंस मॉडल आरम्भ किया जाना, तथा समूह बीमा का व्यवसाय निर्मित एवं विकसित करना।

फॉर्च्यून पत्रिका, फोर्ब्स, बिजनेस वर्ल्ड, तथा बिजनेस टुडे जैसे सम्मानित प्रकाशनों ने विभिन्न उद्योगों में विशाखा को उनकी समकक्ष हस्तियों के साथ प्रस्तुत किया है। भारतीय बीमा क्षेत्र में विशाखा की तीन दशक की इस लम्बी यात्रा में उनकी उपलब्धियों को पहचानते हुए प्रमुख भारतीय संवैधानिक निकाय आईसीएआई (भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान) ने उन्हें सीए व्यावसायिक नेतृत्वकर्ता - महिला पुरस्कार दिया है।

विशाखा बीएफएसआई समुदाय की एक वरिष्ठ सदस्या और वैचारिक नेतृत्वकर्ता हैं, वह आईसीएई के बहरीन और दोहा चैप्टर, तथा जर्मनी में आयोजित किए जाने वाले वैश्विक बीमा मंच में हिस्सा लेती रहती हैं। उनके विचारों एवं कॉरपोरेट दर्शन का उद्देश्य विचारकों एवं नेतृत्वकर्ताओं की एक नई पीढ़ी को प्रेरणा देना और आत्मप्रेरित करना है, जिसे आम लोगों एवं सोशल मीडिया से काफी प्रशंसा मिली है।

विशाखा एक वाणिज्य स्नातक एवं सनदी लेखाकार हैं। वह भारतीय बीमा संस्थान की सदस्या हैं, और उनके पास कम्प्यूटर सिस्टम में एक परास्नातक डिप्लोमा है।