इन्वेस्टमेन्ट प्लान - (यूलिप)

आपकी हर मनचाही चीज

वित्तीय आवश्यकताएं बदलती रहती हैं। इसलिए आपको एक ऐसे समाधान की आवश्यकता है, जो समय के साथ बदले और आपकी बीमा एवं निवेश जरूरतों, दोनों को पूरा करे।

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इंडियाफर्स्ट के यूनिट लिंक्ड प्लान को क्यों चुनें?

  • दोहरा लाभ

  • ऑटोमैटिक ट्रिगर-आधारित निवेश रणनीति

  • निवेश का लचीलापन

  • निवेश के बहुत से विकल्प

विचार करने वाले कुछ कारक

  • सही योजना चुनें

  • अपनी जोखिम क्षमता को जानें

  • फंड के प्रदर्शन का अध्ययन करें

  • पॉलिसी को समझें

इन्वेस्टमेन्ट प्लान - (यूलिप)


एक यूलिप (यूलिप (यूनिट-लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान) एक अद्वितीय निवेश इंस्ट्रूमेंट है, जो एक ही उत्पाद में वेल्थ क्रिएशन एवं इंश्योरेंस को कंबाइन करता है। एक इंडियाफर्स्ट लाइफ यूलिप पॉलिसी के साथ, आपको वेल्थ कॉर्पस बनाने का टूल मिलता है, और इसके साथ में मन की शांति मिलती है कि ठीक वही इंश्योरेंस प्लान आपके जीवन को करता है। जहां आप अपनी भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए धन अलग रखने पर ध्यान केन्द्रित करते हैं, वहीं एक यूलिप इन्वेस्टमेन्ट प्लान आपकी जरूरत का प्रतिफल जनरेट करने पर ध्यान केन्द्रित करता है।

अन्य निवेश प्लान की तुलना में, यूलिप आपको एक ही पॉलिसी में बीमा एवं निवेश को क्लब करने का लाभ प्रदान करता है। जीवन की निश्चित अनिश्चितताओं का सामना करने पर यूलिप इंश्योरेंस प्लान सुनिश्चित करता है कि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में आपके परिवार का भविष्य सुरक्षित रहे।

एक यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान के अन्तर्गत आपके द्वारा जमा किए जाने वाले प्रीमियम को आपके बीमा एवं निवेश आवश्यकताओं पर एकसमान रूप से वितरित किया जाता है। प्रीमियम का एक हिस्सा यूलिप बीमा घटक में जाता है, ताकि यूलिप प्लान प्रभावी बने रहने के दौरान आपको लाइफ कवर प्रदान किया जाए। शेष हिस्से को डेब्ट, ईक्विटी या दोनों के संयोजन में निवेश किया जाता है, जो कि आपके दीर्घ कालिक वित्तीय लक्ष्यों के अनुरूप हो।

आपके जीवन चरण के आधार पर, आप इंडियाफर्स्ट लाइफ यूलिप इन्वेस्टमेन्ट प्लान द्वारा तैयार किए गए कॉर्पस का प्रयोग अपने रिटायरमेंट फंडिंग लक्ष्यों को पूरा करने, अपने बच्चे की शिक्षा का भुगतान करने, अथवा रियल इस्टेट में निवेश करने के लिए कर सकते हैं। आपकी वित्तीय आवश्यकताएं चाहे जो भी हों, एक यूलिप प्लान को कस्टमाइज करके आपको वह दिया जा सकता है, जो आप चाहते हैं।

 

यूलिप पॉलिसी के क्या लाभ हैं?


यूलिप डायनामिक फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट हैं, जो निवेशकों को निवेश एवं बीमा के दोहरे लाभ प्रदान करते हैं। ऐसे बहुत से यूलिप पॉलिसी लाभ हैं, जो आपके निवेश पोर्टफोलियो को मजबूत बनाने के लिए कार्य करते हैं। पहले जीवन बीमा को मुख्यत: एक एश्योरेंस या गारंटी के रूप में देखा जाता था, परन्तु निवेश के रूप में नहीं। आपका वित्तीय भविष्य सुनिश्चित करने के लिए जीवन बीमा लेना, तथा सही वित्तीय इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करने के द्वारा आपके धन को काम पर लगाना जरूरी है। यूलिप प्लान की दोहरी विशेषताएं इन दोनों जरूरतों को पूरा करती हैं, तथा आपको आपकी स्थायी वित्तीय सुरक्षा के निकट ले जाते हैं।

वैसे तो यूलिप के बहुत से मूल्यवान फीचर हैं, लेकिन यहां कुछ महत्वपूर्ण यूलिप पॉलिसी लाभों के बारे में बताया जाना चाहिए, जो आपके जानने

एकल प्लान, दोहरे यूलिप लाभ

निवेश घटक यूलिप प्लान की एक महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक हैं। आप यूलिप में जो निवेश करते हैं, उसे बहुत से मार्केट लिंक्ड वित्तीय इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जाता है, ताकि आप अपनी पॉलिसी से अधिकतम यूलिप लाभ प्राप्त कर सकें। एक वेल्थ कॉर्पस बनाने के अलावा, जीवन बीमा भी यूलिप प्लान का एक अन्य महत्वपूर्ण लाभ है। यूलिप लाभ के रूप में प्रदान किया जाने वाला व्यापक जीवन बीमा कवरेज आपको मन की शांति देता है कि पॉलिसी अवधि के दौरान आपके परिवार का वित्तीय भविष्य कवर्ड है।

परिपक्वता यूलिप लाभ

एक यूलिप प्लान के साथ, आप एक अद्वितीय वित्तीय इंस्ट्रूमेंट के लिए साइन अप करते हैं, जो आपको बहुत से यूलिप प्लान लाभ प्रदान करते हैं। जब पॉलिसीधारक पॉलिसी को प्रभावी बनाए रखने के लिए नियमित प्रीमियम जमा करता है, तो उन्हें पॉलिसी की अवधि तक उत्तरजीविता की स्थिति में परिपक्वता यूलिप लाभ मिलते हैं। परिपक्वता पर, पॉलिसीधारक को यूलिप फंड की वर्तमान वैल्यू के साथ ही साथ लॉयल्टी एडीशन एवं बोनस मिलता है, यदि घोषित किया गया हो तो।

मृत्यु यूलिप लाभ

पॉलिसी अवधि के दौरान दुर्भाग्यवश पॉलिसीधारक की मृत्यु की स्थिति में, पॉलिसी में वर्णित नामिती / लाभार्थी को यूलिप पॉलिसी के मृत्यु लाभ के रूप में पूर्व-निर्धारित बीमाधन मिलता है। चुनी गई यूलिप पॉलिसी के लाभों के आधार पर, आप सुनिश्चित कर सकते हैं कि लाभार्थी को फंड की वर्तमान वैल्यू के साथ ही बीमाधन मिले, अथवा जो भी धनराशि यूलिप पॉलिसी लाभ के रूप में अधिक हो।

बचत में नियमितता

वैसे तो सभी लोग नियमित रूप से बचत करने के लाभ जानते हैं, परन्तु सच यह है कि अधिकांश लोग पर्याप्त धनराशि की बचत नहीं करते हैं, उन्हें लगता है कि वे यह काम बाद में कर सकते हैं। वैसे धन की बचत सम्भव है, नियमित और एकसमान रूप से बचत करना दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा एवं सफलता के लिए महत्वपूर्ण है। यूलिप पॉलिसी का एक प्रमुख लाभ यह है कि प्रीमियम भुगतान अलग रखने के द्वारा यह हमें नियमित बचत की आदत सिखाता है। उसके बाद चैन से बैठ सकते हैं, और यूलिप पॉलिसी के वेल्थ क्रिएशन लाभ उठा सकते हैं।

फंड स्विच यूलिप प्लान लाभ

यूलिप प्लान की विशेषताएं काफी अधिक लचीलेपन एवं कस्टमाइजेशन की सुविधा देती है, जो आपके वित्तीय लक्ष्यों एवं आवश्यकताओं पर निर्भर करती हैं। निवेश का लचीलापन, यूलिप पॉलिसी का एक प्रमुख लाभ है। फंड स्विच यूलिप प्लान लाभ के साथ आप चुन सकते हैं कि आपका धन कहां पर लगाया जाए। एक यूलिप प्लान में, आपके प्रीमियम का एक बड़ा हिस्सा निवेश उद्देश्यों के लिए चिह्नित किया जाता है। इस धन को कम जोखिम वाले डेब्ट फंड, उच्च जोखिम वाले ईक्विटी फंड या दोनों के एक संतुलित मिश्रण में लगाया जा सकता है।

चुने गए प्लान की यूलिप पॉलिसी लाभ के आधार पर, आप अधिकतम यूलिप लाभ उठाने के लिए फंड प्रकारों के बीच में स्विच कर सकते हैं। आमतौर पर, आप एक वित्तीय वर्ष में किसी अतिरिक्त चार्ज के बना एक निश्चित बार परिवर्तन कर सकते हैं। क्या आपका चुना गया प्लान फंड के बीच में नि:शुल्क स्विच करने की सुविधा देता है, इसे समझने के लिए आप पॉलिसी दस्तावेज में यूलिप लाभ देख सकते हैं।

प्रीमियम रीडायरेक्शन यूलिप प्लान लाभ

यूलिप लाभ के रूप में ऑफर किया जाने वाला एक अन्य निवेश लचीलापन यह रीडायरेक्ट करने की क्षमता है कि एक निश्चित प्रीमियम राशि कहां पर लगायी जाए। आप ना केवल यह निर्दिष्ट कर सकते हैं कि आप अपना प्रीमियम किस फंड में रीडायरेक्ट करवाना चाहेंगे, बल्कि आप यह भी तय कर सकते हैं कि आपके प्रीमियम का कितना प्रतिशत भाग आपके चुने हुए प्रत्येक फंड में लगाया जाए।

आंशिक आहरण यूलिप पॉलिसी लाभ

प्रत्येक यूलिपी पॉलिसी पांच वर्ष की अवधि के लिए लॉक्ड-इन होती है। वैसे तो लॉक-इन पीरियड प्रतिबंधक प्रतीत हो सकता है, परन्तु यह एक विशेष फंक्शन के रूप में कार्य करता है। निवेश के आरम्भ में फंड की वैल्यू कम होती है, तथा आपकी फंड वैल्यू बढ़ने में समय लगता है। लॉक-इन पीरियड आपके यूलिप को वृद्धि करने के लिए पर्याप्त समय देता है, तथा आपको पर्याप्त प्रतिफल एवं यूलिप लाभ प्रदान करता है। लॉक-इन अवधि समाप्त होने के बाद आप किसी आपातकालीन आवश्यकता को पूरा करने के लिए अपनी फंड वैल्यू का आंशिक आहरण कर सकते हैं।

टॉप अप यूलिप प्लान लाभ

अधिकांश यूलिप प्लान में पहले से ही निवेश की जा रही धनराशि में भविष्य में वृद्धि की सम्भावना होती है, ताकि जब आपके पास धन हो तो आप अतिरिक्त एकल प्रीमियम जमा कर सकें।

यूलिप पॉलिसी के मार्केट-लिंक्ड लाभ

एक लम्बी समय अवधि में देखे जाने पर, बाजार हमेशा ऊपर की ओर रहा है। एक यूलिप पॉलिसी के साथ, आपके पास इस ऊपर की यात्रा का अधिकतम लाभ उठाने का अवसर है। आप अपने धन का एक हिस्सा मार्केट-लिंक्ड डेब्ट या ईक्विटी फंड में निवेश कर सकते हैं, जो आपकी जोखिम अभिरुचि पर निर्भर करता है।

वेल्थ बढ़ाने वाले यूलिप लाभ

हर कोई अपने निवेश के प्रतिफल में कुछ अतिरिक्त पाना चाहता है। नियमित यूलिप लाभों के अलावा, एक यूलिप निवेश - फंड बूस्टर एवं लॉयल्टी एडीशन के रूप में - आपके द्वारा क्रिएट किए गए वेल्थ को बूस्ट करने के अवसर भी प्रदान करता है। ये एडीशन आपको एक लम्बे समय तक निवेशित रहने के लिए पुरस्कार के रूप में दिए जाते हैं। परिपक्वता पर, कुछ यूलिप प्लान, अधिभारित किए गए मोरटैलिटी चार्ज की वापसी भी प्रदान करते हैं।

यूलिप के कर लाभ

भारत सरकार द्वारा निर्दिष्ट किए गए सुसंगत कर कानूनों के अनुसार, आपको आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80C तथा 10(10D) के अन्तर्गत कुछ कर छूट तथा यूलिप लाभ मिल सकते हैं। ये यूलिप लाभ, आयकर अधिनियम के अन्तर्गत बनाए गए प्रावधानों के विषयाधीन हो सकते हैं, तथा समय-समय पर संशोधित किए जा सकते हैं।

 

एक यूलिप प्लान कैसे काम करता है?


बीमा बचत योजनाएं बीमा एवं बचत के दोहरे लाभ प्रदान करती हैं। वैसे, बचत योजनाओं के प्रतिफल कुछ खास नहीं होते, क्योंकि उनके साथ आमतौर पर एक गारंटीड घटक होता है, तथा इन्हें जोखिम से बचने वाले निवेशकों के लिए बनाया जाता है। यूलिप चुनने की प्रत्येक गाइड आपको बताएगी कि एक यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान में मार्केट-लिंक्ड प्रतिफल मिलता है। चूंकि यूलिप प्लान में पूंजी बाजार में निवेश किया जाता है, इसलिए ऐसे प्लान अन्य नॉन-लिंक्ड प्लान की तुलना में अधिक प्रतिफल प्रदान कर सकते हैं, खासतौर पर यदि आप लम्बे समय तक निवेशित रहते हैं।

जब आप ऑनलाइन यूलिप खरीदते हैं, तो बीमा कम्पनी प्लान के जरूरी विवरण बताती है। इन विवरणों में एक मृत्यु लाभ शामिल होता है, तथा पॉलिसी अवधि के दौरान पॉलिसीधारक की असामयिक मृत्यु की स्थिति में आपके प्लान में नामित लाभार्थी को यह धनराशि मिलती है।

बीमित व्यक्ति यदि पॉलिसी अवधि तक जीवित रहता है, तो उन्हें परिपक्वता लाभ मिलता है। यूलिप में, मार्केट-लिंक्ड निवेश फंड्स के मिश्रण में प्रीमियम भुगतान जमा करने के द्वारा बनाया गया कॉर्पस परिपक्वता लाभ होता है। निवेशक के रूप में, आप चुन सकते हैं कि आप किन फंड्स में अपना धन निवेश किया जाना चाहेंगे—ईक्विटी फंड्स, डेब्ट फंड्स, या दोनों का संतुलित संयोजन।

म्युच्युअल फंड्स की भांति, जब आप यूलिप प्लान ऑनलाइन खरीदते हैं, तो आप एक प्रोफेशनल एक्सपर्ट फंड मैनेजर के सम्पर्क में होते हैं, जो मार्केट-लिंक्ड प्रतिफल पाने के लिए सभी यूलिप निवेश फंड्स निवेश करते हैं। ये निवेश निर्णय, ठोस वित्तीय शोध द्वारा समर्थित होते हैं। जब आप कोई फंड चुनते हैं, तो आपको उस फंड में एक निश्चित संख्या में यूनिट आबंटित किया जाता है, जो आपकी प्रीमियम राशि एवं अन्य प्राथमिकताओं पर निर्भर करता है। 

निवेश फंड की यूनिट के आधार पर, एक नेट एसेट वैल्यू या एनएवी तय की जाती है। बीमा कम्पनी द्वारा प्रतिदिन इस एनएवी का मूल्यांकन एवं घोषणा की जाती है। पॉलिसी जब परिपक्व हो जाती है, पे-आउट देना होता है, अथवा आंशिक आहरण की स्वीकृति दी जाती है, तो वर्तमान दिन की एनएवी मौद्रिक वैल्यू में परिवर्तित होती है।

यूलिप कुछ हद तक म्युच्युअल फंड्स के जैसा होता है, लेकिन यह एक बीमा उत्पाद भी होता है। यूलिप निवेश चाहे जैसा भी प्रदर्शन करे, लेकिन आप यूलिप को ऑनलाइन या ऑफलाइन खरीदते हैं, तो एक मृत्यु लाभ / बीमाधन सुनिश्चित होता है। पॉलिसी प्रावधानों के विषयाधीन, यह मृत्यु लाभ पॉलिसी में वर्णित नामिती को देय होता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में आपके प्रियजनों का वित्तीय भविष्य सुरक्षित बना रहे।

 

सबसे अच्छा यूलिप प्लान कैसे चुनें?


यूलिप प्लान चुनने की इस संक्षिप्त मार्गदर्शिका में सीखें कि सूझबूझ के साथ और सिस्टमैटिक तरीके से यूलिप प्लान कैसे खरीदें।  जब आप यूलिप प्लान ऑनलाइन खरीदने का निर्णय लेते हैं, तो निम्न बातों को ध्यान में रखें: 

सबसे अपने वित्तीय लक्ष्यों पर विचार करें

यूलिप प्लान को कस्टमाइज किया जा सकता है, ताकि आप चुन सकें कि आपके धन को कहां पर निवेश किया जाए। जब आप यूलिप प्लान ऑनलाइन या ऑफलाइन खरीदते हैं, तो आपको ऐसे फंड की सूची दी जाती है, जो डेब्ट, ईक्विटी या दोनों के संयोजन में निवेश करते हैं। यूलिप चुनने की किसी भी मार्गदर्शिका में प्रथम चरण यह सुनिश्चित करना होता है कि आप अपने जीवन लक्ष्यों एवं वित्तीय लक्ष्यों को जानें, ताकि आप अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप यूलिप प्लान ऑनलाइन खरीद सकें।

डेब्ट फंड सापेक्षिक रूप से कम जोखिम के साथ औसत प्रतिफल कमाने का अवसर प्रदान करते हैं। दूसरी तरफ, ईक्विटी फंड उचित प्रतिफल प्रदान करते हैं, लेकिन उनमें एक उच्च जोखिम भी होता है। आप जोखिम बांटने के लिए दोनों का एक संतुलित मिश्रण भी चुन सकते हैं।

यदि आपके पास दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्य हैं, जिसमें काफी पैसे लगने की सम्भावना है, जैसे कि आपके बच्चे की उच्च शिक्षा फीस, तो अधिक ईक्विटी वाला आबंटन समझदारीपूर्ण हो सकता है। यदि आपका वित्तीय लक्ष्य अपने सेवानिवृत्ति लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सहेजे गए फंड की संचित वैल्यू की सुरक्षा करना है, तो डेब्ट-ओरिएंटेड आपके लिए बेहतर हो सकते हैं।

यूलिप के साथ आप चुन सकते हैं कि आपको किस फंड में निवेश करना है। ऑनलाइन यूलिप खरीदने से पहले अथवा फंड के बीच में स्विच करने से पहले आप यह निर्णय अपनी जीवन लक्ष्यों के गहन मूल्यांकन एवं जोखिम-अभिरुचि के आधार पर कर सकते हैं, अथवा किसी वित्तीय परामर्शदाता की सहायता से निर्णय ले सकते हैं।

पर्याप्त लाइफ कवर पाएं

निवेश घटक के अलावा, अन्य सबसे महत्वपूर्ण लाभ है जीवन बीमा कवरेज, जिसे आप यूलिप प्लान ऑनलाइन खरीदते समय चुनते हैं। पॉलिसी अवधि के दौरान किसी अप्रिय घटना की स्थिति में यह बीमा कवरेज आपके परिवार का सुरक्षा जाल है। पर्याप्त लाइफ कवर ना लिया जाना, यूलिप से मिलने वाले लाभों का एक अपव्यय होगा।

जहां निवेश घटक आपको अपना वेल्थ क्रिएशन लक्ष्य पूरा करने में सहायता करेगा, वहीं बीमा घटक यह सुनिश्चित करता है कि आपके वित्तीय लक्ष्य आपकी अनुपस्थिति में भी आपके परिवार की आवश्यकताएं पूरी कर सकें। जब आप ऑनलाइन यूलिप खरीदते हैं, तो अपने वित्तीय लक्ष्यों, अपने परिवार की जीवनशैली पर विचार करें, उसके बाद बीमाधन चुनें, जो जरूरत पड़ने पर उन्हें सपोर्ट करेगा।

एक लम्बी निवेश अवधि चुनें

यूलिप का एक प्राथमिक उद्देश्य है वेल्थ क्रिएशन। एक बड़ा कॉर्पस बनाने के लिए आपको अपना रिटर्न अधिकतम करने के लिए चक्रवृद्धि ब्याज की शक्ति समझनी होगी। इसके लिए एक लम्बे समय तक निवेशित रहना जरूरी है। जब आप यूलिप प्लान ऑनलाइन खरीदते हैं, तो आपके लिए 5 वर्षों की लॉक-इन अवधि शुरू की जाती है। आमतौर पर 3 वर्ष के बाद एक सरेंडर वैल्यू अर्जित की जा सकती है, तथा 5 वर्ष के बाद आंशिक आहरण की अनुमति दी जा सकती है, जो कि पॉलिसी प्रावधान पर निर्भर करता है। अपने एवं अपने परिवार के लिए वेल्थ तैयार करने के लिए एक लम्बी अवधि चुनें।

लगाए जाने वाले चार्ज पर विचार करें

यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने धन को सोच-समझकर निवेश करें, जिससे आपको यह पता रहे कि आप कहां निवेश कर रहे हैं तथा जब आप यूलिप ऑनलाइन या ऑफलाइन खरीदते हैं तो आपको क्या लाभ मिल सकता है। बीमा कम्पनियां कुछ चार्ज लगाती हैं, जो सभी यूलिप के लिए आम होती हैं, ये फंड प्रबन्धन फीस, मोरटैलिटी चार्ज, सर्विस चार्ज, प्रशासन फीस, प्रीमियम आबंटन फीस, डिसकन्टीन्यूएशन या सरेंडर चार्ज आदि शीर्षों के लिए होते हैं।  कुछ बीमा कम्पनियां ये सभी चार्ज लगाती हैं, वही कुछ कम्पनियां नहीं लगाती हैं। जब आप यूलिप ऑनलाइन खरीदते हैं, तो चार्ज पर विचार करते हुए सोच-समझकर निर्णय लें।

अधिकतम कर छूट लाभ पाएं

यूलिप प्लान ऑनलाइन या ऑफलाइन खरीदने से पहले, आयकर अधिनियम, 1961 की विभिन्न धाराओं के अन्तर्गत सभी कर लाभों पर विचार करें।

 

आप कौन से इंडियाफर्स्ट लाइफ यूलिप प्लान में से चुन सकते हैं?


यूलिप फंड, अन्तिम उपयोग, तथा पॉलिसीधारक को दिए जाने वाले मृत्यु लाभ के प्रकारों के आधार पर भिन्न प्रकार के यूलिप प्लान को श्रेणीबद्ध किया जाता है।

यूलिप फंड के आधार पर, तीन मुख्य प्रकार के यूलिप प्लान होते हैं:

  • ईक्विटी—पॉलिसीधारक का प्रीमियम, ईक्विटी मार्केट में निवेश करने वाले फंड में लगाया जाता है। इस प्रकार के यूलिप प्लान उच्च प्रतिफल प्रदान कर सकते हैं, लेकिन इनमें अधिक जोखिम भी होता है।
  • डेब्ट—पॉलिसीधारक का प्रीमियम, डेब्ट मार्केट में निवेश करने वाले फंड में लगाया जाता है। इस प्रकार के यूलिप प्लान निम्न से औसत प्रतिफल प्रदान कर सकते हैं, लेकिन इनमें जोखिम भी कम होता है।
  • संतुलित—पॉलिसीधारक का प्रीमियम, ईक्विटी एवं डेब्ट मार्केट में निवेश करने वाले फंड के बीच में संतुलित रूप से लगाया जाता है। इस प्रकार के यूलिप प्लान निवेशक जोखिम को कम करते हैं।

पॉलिसीधारक को दिए जाने वाले मृत्यु लाभ के आधार पर दो प्रकार की यूलिप पॉलिसी होती हैं:

  • प्रकार 1—पॉलिसी अवधि के दौरान पॉलिसीधारक की मृत्यु की स्थिति में, इस प्रकार के यूलिप प्लान लाभार्थी को बीमाधन या यूलिप फंड वैल्यू प्रदान करते हैं, इनमें से जो भी अधिक हो।
  • प्रकार 2—पॉलिसी अवधि के दौरान पॉलिसीधारक की मृत्यु की स्थिति में, इस प्रकार के यूलिप प्लान लाभार्थी को बीमाधन और यूलिप फंड वैल्यू प्रदान करते हैं।

पॉलिसीधारक के अन्तिम उपयोग के आधार पर, विभिन्न प्रकार के यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान होते हैं, इसमें रिटायरमेंट यूलिप, चाइल्ड एजूकेशन यूलिप, वेल्थ क्रिएशन यूलिप, स्वास्थ्य सम्बन्धित यूलिप, समूह यूलिप आदि।

आपकी वित्तीय जरूरत चाहे जो भी हो, इंडियाफर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस आपको विभिन्न प्रकार की यूलिप पॉलिसी प्रदान करता है, जिन्हें आपके लिए कस्टमाइज किया जा सकता है। विभिन्न प्रकार के यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान के लाभों की तुलना करें, साथ ही अपनी आयु समूह, वित्तीय लक्ष्यों, तथा जोखिम अभिरुचि को ध्यान में रखें। इंडियाफर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस आपको विभिन्न प्रकार के लचीले विकल्प प्रदान करते हैं।

इंडियाफर्स्ट लाइफ वेल्थ मैक्सिमाइजर प्लान

  • निवेश + बीमा उत्पाद
  • मार्केट-लिंक्ड बीमा विकल्प
  • असीमित फ्री स्विच
  • दीर्घकालिक वेल्थ बूस्टर्स
  • सिस्टमैटिक आंशिक आहरण विकल्प
  • टॉप-अप प्रीमियम सुविधा
  • कर लाभ

इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान

  • निवेश + बीमा उत्पाद
  • ऑटोमैटिक ट्रिगर-आधारित निवेश
  • लचीले प्रीमियम
  • आंशिक आहरण सुविधा
  • कर लाभ

इंडियाफर्स्ट स्मार्ट सेव प्लान

  • निवेश + बीमा उत्पाद
  • मार्केट-लिंक्ड बीमा विकल्प
  • स्विचिंग एवं रीडायरेक्टिंग सुविधाएं
  • लिक्विड फंड में ट्रांसफर विकल्प
  • कर लाभ

FAQs

  • पारम्परिक प्लान एवं यूलिप पॉलिसी के बीच में क्या अन्तर है?

    पारम्परिक प्लान में टर्म पॉलिसी, एंडावमेन्ट प्लान तथा समग्र जीवन बीमा पॉलिसी शामिल हैं। पारम्परिक बचत एवं बीमा प्लान, जोखिम से बचने वाले निवेशकों को ध्यान में रखते हुए बनाए जाते हैं। वे पॉलिसीधारक की मृत्यु या पॉलिसी परिपक्वता की स्थिति में कम जोखिम तथा निश्चित प्रतिफल का लाभ प्रदान करते हैं।

    यूलिप या यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान निवेश, बीमा एवं मार्केट-लिंक्ड प्रतिफल का संयोजन प्रदान करते हैं। चूंकि यूलिप की फंड वैल्यू पूंजी बाजार स्थितियों पर आधारित होती है, इसलिए इनमें उच्च प्रतिफल मिलने की सम्भावना होती है। आप चुन सकते हैं कि आपका प्रीमियम कहां पर निवेश किया जाएगा—उच्च जोखिम - उच्च प्रतिफल ईक्विटी फंड, कम जोखिम - मध्यम प्रतिफल डेब्ट फंड, अथवा दोनों का संतुलित मिश्रण।

  • यूलिप क्या एफडही से बेहतर होता है?

    एफडी या फिक्स्ड डिपॉजिट लोकप्रिय सेविंग इंस्ट्रूमेंट होते हैं, क्योंकि वे बचत खातों की तुलना में उच्च ब्याज दर प्रदान करते हैं। वैसे एफडी ब्याज दर पर मुद्रास्फीति का असर होता है, तथा आरबीआई द्वारा कम किए जा सकते हैं। एफडी अवधि के अंत में निश्चित प्रतिफल प्रदान करते हैं।

    यूलिप या यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान एक जीवन बीमा निवेश उत्पाद है, जो आपको लाइफ कवर, वेल्थ क्रिएशन, तथा मार्केट-लिंक्ड प्रतिफल जैसे लाभ प्रदान करता है। बॉण्ड रेट बढ़ने के साथ ही यूलिप फंड वैल्यू बढ़ने की सम्भावना भी होती है। एफडी की तुलना में, यूलिप अधिक लचीलापन भी प्रदान करते हैं, क्योंकि आप अपना फंड आबंटित कर सकते हैं तथा अपनी जरूरत के आधार पर फंड को डेब्ट से ईक्विटी में एवं इसके विपरीत स्विच कर सकते हैं। एक यूलिप का प्रतिफल बाजार की स्थितियों पर निर्भर करता है।

    यदि आप धन की बचत करना चाहते हैं, अपना धन अलग रखना चाहते हैं, अधिक प्रतिफल कमाना चाहते हैं, तथा यूलिप की अवधि के दौरान लाइफ कवर पाना चाहते हैं, तो यूलिप सम्भवत: बेहतर विकल्प हो सकता है।

  • यूलिप में निवेश करते समय कौन सी बातें ध्यान में रखनी चाहिए?

    यूलिप पॉलिसी में बहुत से कस्टमाइजेशन विकल्प होते हैं। यूलिप में निवेश करते समय, कुछ बातें ध्यान में रखनी चाहिए जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि आप अपने प्लान का अधिकतम लाभ उठा सकें:

    • यथाशीघ्र आरम्भ करें, ताकि आप चक्रवृद्धि ब्याज की ताकत से वेल्थ क्रिएट कर सकें।
    • लगातार एवं अनुशासित रूप से निवेश करें।
    • आपके लिए उपलब्ध विभिन्न फंड विकल्प, स्विच, तथा फंड निवेश रणनीतियों का प्रयोग करें।
    • अपने यूलिप पोर्टफोलियो पर एक नजर रखें कि आपका फंड कैसा काम कर रहा है, तथा जरूरत के अनुसार बदलाव करें।
    • अपने यूलिप फंड को मजबूत बनाने के लिए अतिरिक्त प्रीमियम जोड़ने के लिए टॉप-अप विकल्प का प्रयोग करें।
    • लागू हो सकने वाले कर लाभ उठाएं।

  • यूलिप के लिए न्यूनतम लॉक-इन अवधि क्या है?

    यूलिप दीर्घ-कालिक निवेश के लिए है। इन्हें दीर्घकाल में बाजार की तेजी का लाभ उठाने के लिए बनाया गया है। यह परिणाम सम्भव बनाने के लिए यूलिप में 5 वर्ष की लॉक-इन अवधि होती है। वैसे, एक निवेशक के रूप में आपके लम्बे समय (10-20) वर्ष तक निवेशित रहने का लक्ष्य रखना चाहिए, ताकि आप चक्रवृद्धि ब्याज, बाजार के उतार-चढ़ाव, तथा बीमा कम्पनी द्वारा दिए जाने वाले वेल्थ बूस्टर्स के लाभ उठा सकें।

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