इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान

इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान आशा से अधिक मिलता है

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इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान एक यूनिट लिंक्ड एंडावमेन्ट पॉलिसी है, जो लाइफ कवर एवं निवेश के लाभ प्रदान करती है। ✓लाइफ कवर एवं मृत्यु लाभ ✓कर लाभ। अधिक जानें!

इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान खरीदने के कारण

  • हमारी 'ऑटोमैटिक ट्रिगर आधारित' निवेश रणनीति की सहायता के साथ अपने निवेश का अधिकतम सदुपयोग करें।

  • एकल, सीमित या नियमित प्रीमियम के माध्यम से अपने प्रीमियम का भुगतान करें

  • बीमित व्यक्ति की असामयिक मृत्यु की स्थिति में एक लाइफ कवर के माध्यम से अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित करें।

  • आंशिक आहरण के माध्यम से अपने धन की आसान पहुंच  पाएं

  • वर्तमान कर कानूनों के अनुसार भुगतान किए जाने वाले प्रीमियम एवं प्राप्त किए जाने वाले लाभों पर कर लाभ उपलब्ध हो सकते हैं।

इस पॉलिसी के पात्रता मापदण्ड क्या हैं?

  • इसमें प्रवेश की न्यूनतम आयु 5 वर्ष और अधिकतम आयु 65 वर्ष है।

  • इसमें प्लान आरम्भ होने की तिथि से दो वर्ष समाप्त होते ही अवयस्क के लिए लाइफ कवर आरम्भ होता है, अथवा परिपक्वता प्राप्ति के बाद प्लान की प्रथम मासिक वर्षगांठ से ही लाइफ कवर आरम्भ होता है, इसमें से जो भी पहले हो।

  • इसमें आप नियमित प्रीमियम में निवेश करने पर 10 से 70 वर्ष तक निवेश कर सकते हैं, सीमित प्रीमियम में 10 से 25 वर्ष तक निवेश कर सकते हैं, और एकल प्रीमियम में 5 से 20 वर्ष तक निवेश कर सकते हैं।

इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान


आप अपने जीवन में जहां पर भी हैं, वहां तक पहुंचने के लिए आपने बहुत परिश्रम किया होगा। इसलिए आपके परिश्रमपूर्वक अर्जित धन को आपके लिए सबसे अच्छे उपयोग में आना चाहिए। बाजार में निवेश करने के लिए, आपको जोखिम लेने में सक्षम होना चाहिए, क्योंकि बाजार के उतार-चढ़ावों से आपके निवेश पर सीधा असर पड़ता है। लेकिन इस मामले में सुरक्षा की भावना का अभाव होता है।

यदि आपके पास एक ऐसे निवेश इंस्ट्रूमेंट्स तक पहुंच होती, जो यह सुनिश्चित करे कि ना केवल आपका परिश्रमपपूर्वक अर्जित धन आपके काम आए बल्कि यह आपकी भविष्य की जरूरतों के लिए भी सुरक्षित रहे। इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान एक ऐसा यूलिप प्लान है, जिसकी आपको जरूरत है। अपने भविष्य को एक इंटेलिजेंट टूल के साथ सुरक्षित बनाएं, जो आपको निवेश एवं सुरक्षा दोनों ही प्रदान करता है।

इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान क्या है?


इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान एक यूनिट-लिंक्ड, गैर-प्रतिभागी जीवन बीमा एंडावमेंट पॉलिसी है, जो भविष्य के लिए वेल्थ निर्मित करने में सहायता करती है, और उसके साथ ही बाजार के उतार-चढ़ावों के प्रति आपके एक्सपोजर को कम करती है। इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान आपके पास बाजार में निवेश करने तथा बाजार-लिंक्ड प्रतिफल अर्जित करने का लाभ होता है, साथ ही आपके पास जीवन बीमा कवर की सुरक्षा भी होती है।

ऑटोमैटिक ट्रिगर-आधारित निवेश रणनीति (एटीबीआईएस) जैसे इंट्यूटिव फीचर्स के साथ इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान आपको सुव्यवस्थित तरीके से बचत करने में सहायता करता है, तथा आपकी बचत पर मिलने वाली अर्निंग को ट्रिगर के अनुसार सापेक्षिक रूप से सुरक्षित फंड में अंतरित करने के द्वारा आपको नियमित रिटर्न प्रदान करता है। निवेश करने के दौरान बाजार में शीर्ष पर रहने की आवश्यकता को दूर करने के द्वारा इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान में आपको अनुमान लगाने वाला काम नहीं करना पड़ता, ताकि आप आराम से बैठ सकें और अपने धन को बढ़ता हुआ देखें।

इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?


इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान एक यूलिप पॉलिसी है, जो लाइफ कवर एवं निवेश के लाभ प्रदान करती है।

फंड विकल्प

इस यूलिप प्लान के अन्तर्गत, पॉलिसीधारक निवेश के लिए दो यूनिट-लिंक्ड फंड्स के बीच में चुनाव कर सकता है। दोनों फंड विकल्पों में अलग-अलग स्तर के जोखिम एवं प्रतिफल मिलते हैं।

ईक्विटी1 फंड में 80-100% निवेश को ईक्विटी फंड्स में आवंटित किया जाता है। शेष 0-20% को मनी मार्केट में लगाया जाता है। यूलिप प्लान फंड विकल्प का उद्देश्य यह है कि ईक्विटी बाजार में भारी निवेश करने के द्वारा उच्च प्रतिफल दनर के साथ वेल्थ निर्मित की जाए। इसमें ऋणात्मक प्रतिफल की उच्च सम्भावना होती है, विशेष रूप से अल्प काल मे।

डेब्ट1 फंड में 70-100% निवेश को डेब्ट फंड्स में आवंटित किया जाता है। शेष 0-30% को मनी मार्केट में लगाया जाता है। यूलिप प्लान विकल्पों का उद्देश्य है कि ऐसे निवेश प्रतिफल निर्मित किए जाएं जो दीर्घकाल में मुद्रास्फीति दर से अधिक हों। चूंकि डेब्ट1 फंड में मध्यम जोखिम होता है, ऐसे में इसमें अल्प काल में ऋणात्मक प्रतिफल की कम सम्भावना होती है।

स्मार्ट निवेश रणनीति

ऑटोमैटिक ट्रिगर-आधारित निवेश रणनीति (एटीबीआईएस) के साथ यह यूलिप प्लान आपको अपना निवेश ऑप्टिमाइज करने की सुविधा देता है। सुव्यवस्थित तरीके से अपनी बचत को बढ़ते हुए देखें, इसमें आप जो धन अर्जित करते हैं उसे ऑटोमैटिक ट्रांसफर के माध्यम से सापेक्षिक रूप से सुरक्षित फंड में डाल दिया जाता है, जहां आपको एक-बराबर प्रतिफल मिले।

यदि आप यूलिप प्लान खरीदने के दौरान एटीबीआईएस चनते हैं, तो ईक्विटी1 में निवेश किए हुए फंड से होने वाली अर्निंग को ऑटोमैटिकली ही 10% के प्रि-सेट ट्रिगर रेट के आधार पर डेब्ट1 में ट्रांसफर कर दिया जाता है। पॉलिसीधारक बीमा कम्पनी के पास एक औपचारिक अनुरोध करने के द्वारा भविष्य की लेनदेन के लिए एटीबीआईएस से ऑप्टआउट कर सकता है।

प्रीमियम जमा करने के मोड में लचीलापन

इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान यूलिप पॉलिसी में यह सुविधा है कि आप एक निश्चित समय अवधि तक नियमित अंतराल पर प्रीमियम जमा करते रहें अथवा एक बड़ा एक प्रीमियम जमा कर सकते हैं। नियमित एवं सीमित प्रीमियम मोड में आप मासिक, अर्द्ध-वार्षिक तथा वार्षिक प्रीमियम जमा कर सकते हैं। एकल प्रीमियम विकल्प में केवल एक ही बार प्रीमियम जमा करने की आवश्यकता होती है।

नियमित तथा सीमित प्रीमियम यूलिप प्लान के लिए न्यूनतम क्रमश: रु 12,000 तथा रु 15,000 प्रति वर्ष निर्धारित किया गया है। इसमें अधिकतम प्रीमियम की कोई सीमा नहीं है, यह जोखिमअंकन (अंडरराइटिंग) के विषयाधीन है।

लाइफ कवर एवं मृत्यु लाभ

इस यूलिप बीमा प्लान में बीमित व्यक्ति की असामयिक मृत्यु की स्थिति में लाइफ कवर मिलता है। किसी भी, मृत्यु लाभ आपके कुल जमा किए गए प्रीमियम के 105% से कम नहीं होगा। अधिक बीमाधन प्रीमियम भुगतान मोड तथा पॉलिसीधारक की आयु पर निर्भर करता है।

आंशिक आहरण

लॉक-इन अवधि पूरी करने के बाद आप किसी वित्तीय आपातकाल के दौरान आंशिक आहरण विकल्प का प्रयोग करते हुए अपना धन पा सकते हैं।

परिपक्वता भुगतान (पे-आउट)

इस यूलिप बीमा पॉलिसी में आपके पास अपना परिपक्वता भुगतान (पे-आउट) चुनने का विकल्प होता है। आप समग्र फंड वैल्यू को एक एकमुश्त भुगतान के रूप में प्राप्त कर सकते हैं, अथवा सैटलमेन्ट विकल्प चुनने के द्वारा 5 वर्षों की अवधि के दौरान प्राप्त करने का विकल्प चुन सकते हैं।

एप्वाइंटमेन्ट्स

इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान के अन्तर्गत पॉलिसी अपनी अनुपस्थिति के दौरान अपनी पॉलिसी फंड्स को प्रबन्धित करने के लिए एक एप्वॉइंटी तथा नामिती नियुक्त कर सकता है।

ऑनलाइन यूलिप प्लान

इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान को आपकी अतिरिक्त सुविधा के अनुसार ऑनलाइन खरीदा जा सकता है।

कर लाभ

अनुप्रयोज्य कर कानूनों के अनुसार कर लाभ तथा छूट पाएं। पॉलिसीधारक इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान में जमा किए प्रीमियमों पर तथा इसके अन्तर्गत परिपक्वता / मृत्यु लाभ पर आयकर अधिनियम की धारा 80सी के अन्तर्गत कर लाभ एवं छूट पा सकता है।

इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान कैसे काम करता है?


इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान एक यूनिट-लिंक्ड, गैर-प्रतिभागी जीवन बीमा एंडावमेर्न्ट पॉलिसी है। इस यूलिप प्लान का प्रमुख लक्ष्य भविष्य के लिए बचत करने में आपकी सहायता करता है, इसमें बाजार-लिंक्ड प्रतिफल मिलता है वहीं दूसरी तरफ बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव के प्रति आपके एक्सपोजर को सीमित रखा जाता है। इसके अतिरिक्त, आपको पॉलिसी की पूरी अवधि के दौरान मन की शांति भी मिलती है, तथा सैटलमेन्ट पे-आउट विकल्प चुनने पर उसके बाद आगे 5 और वर्षों तक भी मन की शांति मिलती है।

परिपक्वता पर

इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान की अवधि की समाप्त पर पॉलिसीधारक को फंड वैल्यू मिल जाती है। आप समग्र फंड वैल्यू को एक एकमुश्त भुगतान के रूप में प्राप्त कर सकते हैं, अथवा सैटलमेन्ट विकल्प चुन सकते हैं।

यूलिप प्लान सैटलमेन्ट विकल्प के साथ, आप अपने परिपक्वता पे-आउट को 5 वर्षों तक की अवधि के दौरान प्राप्त कर सकते हैं। इस विकल्प के अन्तर्गत किश्तों का भुगतान परिपक्वता की तिथि से किया जाना होता है। आपका लाइफ कवर इन 5 वर्षों के दौरान जारी रहता है, जो केवल तभी रुकता है जब यदि आप इस बीच में पूरा आहरण कर लें। इस अवधि के दौरान आंशिक आहरण या फंड स्विचिंग की अनुमति नहीं होती है।

मृत्यु पर

यूलिप प्लान प्रभावी रहने के दौरान यदि पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाए। ऐसी स्थिति में नामिती को मृत्यु लाभ मिलता है, जो कि मृत्यु की तिथि को जो फंड वैल्यू हो, अथवा एक एकमुश्त धनराशि के रूप में बीमाधन में से जो भी अधिक होती है, उसके बराबर होती है, अथवा सैटलमेन्ट विकल्प के रूप में मासिक किश्तों के रूप में होती है।

इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान के अन्तर्गत यूलिप निवेश कैसे काम करता है?


इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान एक फंडामेंटल यूलिप पॉलिसी है, जो लाइफ कवर एवं बाजार-लिंक्ड निवेश के दोहरे लाभ प्रदान करती है। प्रत्येक नया प्रीमियम अथवा यूलिप प्लान हेतु जमा की जाने वाली नवीकरणीय राशि में से आवंटन शुल्क काटने के बाद उसे ईक्विटी1 एवं डेब्ट1 फंड्स में आवंटित किया जाता है।

यदि आपका फंड ईक्विटी1 में है, और आपने एटीबीआईएस ऑप्ट किया हुआ है, तो प्रत्येक दिन के अंत में 10 प्रतिशत के एक पूर्व निर्धारित ट्रिगर रेट के आधार पर आपकी अर्निंग को ऑटोमैटिकली ही डेब्ट1 फंड में ट्रांसफर कर दिया जाता है। इससे पॉलिसीधारक को एक सुरक्षा का अहसास मिलता है, और चूंकि लाभों को एक सापेक्षिक रूप से अधिक सुरक्षित फंड में डाल दिया जाता है तो इससे आपको बाजार की तेजी का लाभ भी मिल जाता है।

क्या आप एक फंड में से दूसरे फंड में अंतरित कर सकते है


हाँ, पॉलिसीधारक इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान में अंतर्निहित स्विचिंग सुविधा का प्रयोग करते हुए एक फंड से दूसरे फंड में स्विच कर सकते हैं। स्विचिंग विकल्प के अन्तर्गत आप अपनी यूनिट्स को आंशिक या पूर्ण रूप से एक फंड से दूसरे फंड में अंतरित कर सकते हैं। न्यूनतम स्विचिंग राशि रु 5,000 होती है। एक महीने में आप दो बार नि:शुल्क स्विचिंग कर सकते हैं। उपयोग नहीं किए फ्री स्विच को अगले महीने में ट्रांसफर नहीं किया जा सकता।

इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान के क्या लाभ हैं?


यूलिप बीमा प्लान कई अनन्य लाभ प्रदान करते हैं, जिससे वे हर किसी के वित्तीय पोर्टफोलियो में बहुत अच्छे से फिट हो जाते हैं। इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान एक यूनिट-लिंक्ड प्लान है, जो बीमा एवं निवेश लाभ प्रदान करता है, इससे यह ऐसे लोगों के लिए बहुत आकर्षक हो जाता है जो बाजार के तीव्र उतार चढ़ाव का सामना किए बिना वेल्थ अर्जित करना चाहते हैं।

पारदर्शिता

इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान में जब आप यूलिप प्लान खरीदते हैं, तो आपको उसके साथ प्लान सम्बन्धी सभी विवरण बताए जाते हैं, जिसमें शुल्कों की जानकारी, निवेश वैल्यू तथा तरीका, अपेक्षित प्रतिफल दनर, तथा यूलिप पॉलिसी सुविधाएं आदि शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पूर्ण निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आपको एनएवी रिपोर्टिंग तथा वार्षिक खाता विवरण उपलब्ध कराया जाता है।

लचीलापन

इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान मात्र एक पारदर्शी वेल्थ क्रिएशन टूल नहीं है, बल्कि यह पॉलिसीधारक को पूर्ण फ्लेक्सिबिलिटी भी प्रदान करता है। इस यूलिप प्लान के साथ आप निर्णय ले सकते हैं कि आपका धन आपके लिए कैसे काम करे। अपनी पसंद का फंड विकल्प चुनें, जरूरत के अनुसार किसी दूसरी जोखिम प्रोफाइल पर स्विच करें, तथा आपके लिए प्रतिदिन स्मार्ट निवेश निर्णय लेने के लिए एटीबीआईएस पर भरोसा करें।

इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान आपकी पॉलिसी की अवधि एवं प्रीमियम भुगतान के मामलों में भी लचीलापन प्रदान करता है। आप 10-70 वर्षों की पूर्ण पॉलिसी अवधि के लिए नियमित प्रीमियम जमा करना चुन सकते हैं, अथवा 5-7 वर्षों के लिए सीमित प्रीमियम जमा कर सकते हैं तथा 10-25 वर्षों की अवधि के लिए पॉलिसी लाभ ले सकते हैं।

अंत में, आप केवल एक बार प्रीमियम जमा करके 5-20 वर्षों तक कवेरज का आनंद ले सकते हैं। इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान को अपनी पसंद के अनुसार कस्टमाइज करें, ताकि प्लान की सहायता से आप अपने सपनों को हासिल करने के और निकट पहुंच सकें।

लिक्विडिटी

इंडियाफर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस में हमारा मानना है कि जीवन की अनिश्चितताओं से बचा नहीं जा सकता। आप चाहे जितनी अच्छी योजना बनाए लें, किसी वित्तीय आपातकाल के चलते आप संकट में आ सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान आपको आंशिक आहरण की सुविधा प्रदान करता है। यदि बीमित व्यक्ति कोई अवयस्क है, तो ऐसे में उसकी 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद आंशिक आहरण की अनुमति है।

नियमित एवं सीमित प्रीमियम यूलिप प्लान के लिए कम से कम 5 वर्षों तक प्रीमियम जमा करने के बाद आंशिक आहरण की अनुमति है। एकल प्रीमियम पॉलिसी में, यूलिप पॉलिसी का पांचवा वर्ष पूर्ण होने के बाद आंशिक आहरण की अनुमति है।

आपकी जोखिम अभिरुचि के अनुसार कस्टमाइज्ड

स्टॉक मार्केट में सक्रिय सहभागिता कोई आसान काम नहीं है। इसके लिए ना केवल आपको एक अच्छी खासी जोखिम अभिरुचि चाहिए, बल्कि आपको तेज उतार चढ़ाव वाली बाजार में आगे बने रहने के लिए आपको उचित जांच-पड़ताल करने की जरूरत भी होती है। इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान के साथ आपको वास्तव में बाजार में सहभागिता किए बिना ही वेल्थ क्रिएट करने तथा बाजार-लिंक्ड वृद्धि हासिल करने के लाभ मिलते हैं। आप अपने जोखिम को ईक्विटी एवं डेब्ट फंड्स के बीच में वितरित कर सकते हैं, साथ ही इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान पॉलिसी की अवधि के दौरान आपको लाइफ कवरेज भी सुनिश्चित करता है।

इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान के क्या पात्रता मानदण्ड हैं?


  • प्रवेश के लिए अन्तिम जन्मदिवस को आपकी न्यूनतम आयु 5 वर्ष होनी चाहिए, वहीं परिपक्वता के लिए अन्तिम जन्म दिवस को आपकी न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
  • प्रवेश के लिए अन्तिम जन्मदिवस को आपकी अधिकतम आयु 65 वर्ष होनी चाहिए, वहीं परिपक्वता के लिए अन्तिम जन्म दिवस को आपकी अधिकतम आयु 75 वर्ष होनी चाहिए।
  • इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान नियमित प्रीमियम मोड में न्यूनतम प्रीमियम रु 1,000 प्रति माह, रु 6,000 अर्द्ध वार्षिक, या रु 12,000 वार्षिक होना चाहिए। इसमें पॉलिसी अवधि 10 से 70 वर्ष के बीच में है ।
  • इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान सीमित प्रीमियम मोड में न्यूनतम प्रीमियम रु 1,250 प्रति माह, रु 7,500 अर्द्ध वार्षिक, या रु 15,000 वार्षिक होना चाहिए। पॉलिसी अवधि अधिकतम 10-25 वर्ष का है, तथा 5-7 वर्षों का सीमित प्रीमियम भुगतान होना चाहिए।
  • इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान एकल प्रीमियम मोड में न्यूनतम प्रीमियम रु 45,000 है। एकल भुगतान पॉलिसी के लिए पॉलिसी अवधि अधिकतम 5-20 वर्षों की रखी गई है।

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FAQs

  • इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान क्या है?

    इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान एक गैर-प्रतिभागी, यूनिट-लिंक्ड उत्पाद है, जो बचत, निवेश एवं बीमा के उद्देश्यों को पूरा करता है। इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान का यह लक्ष्य है कि ऑटोमैटिक ट्रिगर-आधारित निवेश रणनीति या एटीबीआईएस नामक एक अनन्य निवेश रणनीति का प्रयोग करते हुए बाजार-लिंक्ड वृद्धि लाभों का अधिकतमीकरण करने के द्वारा वेल्थ निर्मित करने में सहायता की जाए। इससे आपको एक उच्च वृद्धि सम्भावना मिलती है, साथ ही पॉलिसी प्रभावी रहने के दौरान बीमित व्यक्ति को लाइफ कवरेज भी मिलती है।

  • इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान के अन्तर्गत ऑटोमैटिक ट्रिगर-आधारित निवेश रणनीति क्या है?

    इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान के साथ एक ऑटोमैटिक ट्रिगर-आधारित निवेश रणनीति आती है, जिसे एटीबीआईएस भी कहते हैं, इससे चुनने का निर्णय आपके हाथ में होता है: दिन के अंत में, एटीबीआईएस सभी अर्निंग को 10% ट्रिगर पर आधारित सापेक्षिक रूप से अधिक सुरक्षित डेब्ट1 फंड में ट्रांसफर करता है। यह ट्रांसफर तब ट्रिगर होता है, जब ईक्विटी फंड में डाली गई शुद्ध राशि शुल्कों की कटौती के बाद 10% सरल एब्सोल्यूट रिटर्न के लक्ष्य को पार कर जाती है।

  • इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान में एटीबीआईएस को मैं कब चुन सकता हूं?

    एटीबीआईएस अथवा ऑटोमैटिक ट्रिगर-आधारित निवेश रणनीति आपकी अर्निंग को इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान में एक अधिक सुरक्षित फंड में ऑटोमैटिकली ट्रांसफर करने के द्वारा आपकी बचत सुव्यवस्थित तरीके से बढ़ाने में सहायता करती है। आपके पास यह विकल्प रहता है कि आप आवेदन करने के समय तथा इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान के नवीकरण के समय एटीबीआईएस को चुन सकते हैं। यदि आप पॉलिसी खरीदने के दौरान एटीबीआईएस चुनते हैं, तथा ईक्विटी1 फंड में निवेश करते हैं, तो 10% का पूर्व निर्धारित ट्रिगर रेट पहुंचने पर आपकी अर्निंग को ऑटोमैटिकली ही ईक्विटी1 से डेब्ट1 फंड में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

  • क्या इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान के अन्तर्गत आंशिक आहरण की अनुमति है?

    किसी आपातकाल में, इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान आपको आंशिक आहरण की सुविधा प्रदान करता है। यदि आपने नियमित या सीमित प्रीमियम इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान लिया है, तथा कम से कम 5 वर्ष तक प्रीमियम जमा कर दिया है, तो आप पांचवे वर्ष के बाद आंशिक आहरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसी प्रकार, एक एकल प्रीमियम इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान के लिए, आप 5वां पॉलिसी वर्ष पूरा करने के बाद आहरण कर सकते हैं। क्या इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान के अन्तर्गत कोई आंशिक आहरण शुल्क लागू होते हैं?

    न्यूनतम आंशिक आहरण राशि रु 5,000 है। इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान के अन्तर्गत कोई अधिकतम आहरण की सीमा निर्धारित की गई है। नियमित एवं सीमित प्रीमियम प्लान में, अधिकतम आहरण को फंड वैल्यू के 25% पर सीमित रखा गया है (बशर्ते कि आहरण के बाद आपके फंड में आपके वार्षिक प्रीमियम के 110% के बराबर न्यूनतम शेष बचे)। एकल प्रीमियम प्लान में, अधिकतम आहरण को फंड की 25% वैल्यू तक सीमित रखा गया है, बशर्ते कि आहरण के बाद फंड की वैल्यू रु 45,000 से कम ना हो।

  • इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान में आंशिक आहरण के बाद मृत्यु लाभ में क्या परिवर्तन होता है?

    पॉलिसी अवधि के दौरान पॉलिसीधारक की असामयिक मृत्यु की स्थिति में इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान एक अच्छाखासा मृत्यु लाभ प्रदान करता है। बीमाधन या पेड-अप बीमाधन में से आंशिक आहरण की राशि घटा दी जाती है, यदि बीमित व्यक्ति की मृत्यु की तिथि से 24 महीनों के अंदर कोई आंशिक आहरण किया गया हो तो।

  • इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान के अन्तर्गत क्या कोई कर लाभ हैं?

    यूलिप प्लान को लम्बे समय से कर की बचत करने इंस्ट्रूमेंट्स के रूप में पहचाना गया है। इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान में भारत में वर्तमान कर कानूनों के अनुसार भुगतान किए जाने वाले प्रीमियम एवं प्राप्त किए जाने वाले लाभों पर कर लाभ उपलब्ध हो सकते हैं। ये चीजें सरकार के कर कानूनों के अनुसार समय-समय पर बदलती रहती हैं।

  • इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान के अन्तर्गत क्या शुल्क हैं?

    इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान एक पारदर्शी एवं लचीला यूलिप प्लान है, जिसे आपके वेल्थ क्रिएशन, निवेश एवं बीमा सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाया गया है। अन्य यूलिप प्लान की भांति ही इस पॉलिसी के भी कुछ शुल्क हैं। इन शुल्कों में शामिल हैं:

    • प्रीमियम आवंटन शुल्क (निवेश से पहले कटौती कर ली जाती है)
    • फंड प्रबन्धन शुल्क (प्रतिदिन एनएवी गणना के पहले कटौती कर ली जाती है)
    • पॉलिसी प्रशासन शुल्क (मासिक कटौती)
    • मोरटैलिटी शुल्क (पॉलिसी माह के प्रथम व्यवसाय दिवस पर यूनिट्स निरस्त करने के द्वारा कटौती की जाती है)

    इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान के अन्तर्गत आपके द्वारा प्रयोग की जाने वाली सुविधाओं के आधार पर लागू हो सकने वाले अन्य शुल्कों में शामिल हैं:

    • अनिरन्तरता शुल्क (पांचवे पॉलिसी वर्ष से नहीं लागू)

    पॉलिसी के साथ कोई स्विचिंग या आंशिक आहरण शुल्क नहीं जुड़े हैं। यदि बाद में कोई स्विचिंग शुल्क आरम्भ किया जाएगा, तो उसके लिए पहले आईआरडीएआई से पूर्व अनुमोदन लिया जाएगा।

  • इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान के अन्तर्गत बीमाधन की गणना कैसे की जाती है?

    आप जिस प्रकार की पॉलिसी लेते हैं, तथा आपकी जो प्रीमियम भुगतान अवधि एवं पॉलिसी अवधि है, उसके आधार पर मृत्यु लाभ के रूप में भुगतान किए जाने वाले बीमाधन की गणना जाती है।

    वैसे तो किसी भी समय मृत्यु लाभ आपके द्वारा भुगतान जमा किए गए कुल प्रीमियम के 105% से कम नहीं होगा, वहीं नियमित एवं सीमित प्रीमियम प्लान के मामलों में न्यूनतम बीमाधन को वार्षिक प्रीमियम के 7 गुणा निर्धारित किया गया है, तथा एकल प्रीमियम प्लान के मामले में एकल प्रीमियम के 125% पर निर्धारित किया गया है।

    इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान के अन्तर्गत अधिकतम बीमाधन वार्षिक प्रीमियम के मल्टीप्लायर पर कैप्ड होता है, जो आपकी पॉलिसी के प्रकार पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, यदि पॉलिसीधारक की आयु 31 से 45 वर्ष के बीच में है, तो अधिकतम बीमाधन को नियमित प्रीमियम पॉलिसी के वार्षिक प्रीमियम के 40% पर सेट किया जाता है। इसी आयु समूह के लिए, अधिकतम बीमाधन को सीमित (7-वर्ष) पॉलिसी हेतु वार्षिक प्रीमियम का 20 गुणा निर्धारित किया गया है, तथा एकल प्रीमियम 5 वर्ष अवधि की पॉलिसी हेतु वार्षिक प्रीमियम का 10 गुणा निर्धारित किया गया है।

  • क्या छूटे हुए प्रीमियम के लिए कोई अनुग्रह अवधि होती है?

    इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान के पॉलिसीधारकों को अर्द्ध वार्षिक एवं वार्षिक मोड के अन्तर्गत सभी प्रीमियम के भुगतानों के लिए 30 दिनों तथा मासिक मोड के अन्तर्गत 15 दिनों की अनुग्रह अवधि प्रदान की जाती है। यह अवधि प्रत्येक प्रीमियम भुगतान की नियत तिथि से आरंभ होती है। इस अनुग्रह अवधि आपकी योजना के आपके सभी लाभ जारी रहते हैं।

  • क्या इंडियाफर्स्ट मनी बैलेन्स प्लान में कोई फ्री लुक अवधि है?

    यदि आप इस प्लान के नियमों एवं शर्तों से असहमत होते हैं, तो आप इस पॉलिसी को फ्री-लुक अवधि के अंदर बीमा कम्पनी को वापस कर सकते हैं। फ्री-लुक अवधि पॉलिसी की रसीद की तिथि से 15 दिनों तक होती है। दूरस्थ मार्केटिंग या इलेक्ट्रॉनिक मोड के माध्यम से खरीदी गई पॉलिसी की फ्रीलुक अवधि 30 दिन होगी।