प्रवेश के समय उम्र
- Question
- प्रवेश के समय उम्र
- Answer
-
न्यूनतम: 18 वर्ष
अधिकतम: 70 वर्ष
कॉल के लिए उपयुक्त समय बताएं
जीवन बीमा खरीदने के लिए हमारे विशेषज्ञ की राय लें
हमें यह जानकर बहुत खुशी हुई कि आप अपने परिवार के भविष्य को वरीयता देते हैं। हमारे जीवन बीमा विशेषज्ञ आपके लिए उपयुक्त बीमा प्लान ढूंढने में मदद करेंगे। कृपया अपना विवरण साझा करें ताकि हम आपको कॉल कर सकें।
पुरुष
महिला
अन्य
अपना विवरण सबमिट करने के लिए धन्यवाद
आपकी अंतर्दृष्टि हमारी सेवाओं को बेहतर बनाने और बढ़ाने में मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
^रिटायर स्मार्ट विकल्प के अंतर्गत
* गारंटीड एडिशन्स, चुनी गई PPT और पेमेंट फ्रीक्वेंसी के आधार पर मिलता है और यह केवल प्रथम पॉलिसी वर्ष के प्रीमियम पर मिलता है जिसे पॉलिसी को फ्री लुक अवधि में रद्द किए जाने पर वसूल लिया जाता है।
न्यूनतम: 18 वर्ष
अधिकतम: 70 वर्ष
न्यूनतम: 40 वर्ष
अधिकतम: 80 वर्ष
न्यूनतम:
फ्रीक्वेंसी | प्रीमियम अमाउंट |
---|---|
वार्षिक | 36,000 |
अर्धवार्षिक | 18,000 |
त्रैमासिक | 10,500 |
मासिक | 3,500 |
सिंगल | 1,50,000 |
अधिकतम: कोई सीमा नहीं, बोर्डअप्रूव्ड अंडरराइटिंग पॉलिसी (BAUP) के आधार पर।
न्यूनतम:
सिंगल पेमेंट – 5 वर्ष
5 पेमेंट – 10 वर्ष
7, 8, 10, नियमित पेमेंट – 15 वर्ष
15 पेमेंट – 16 वर्ष
अधिकतम:
80 वर्ष की उम्र तक
ध्यान दें:
उम्र की गणना पिछले जन्मदिन के आधार पर की जाएगी।
सभी उम्र के लोगों के लिए जोखिम की शुरूआत पॉलिसी शुरू होने की तारीख से होती है।
IndiaFirst Life स्मार्ट रिटायरमेंट प्लान एक एक नॉन-पार्टिसिपेटिंग, यूनिट लिंक्ड, इंडिविजुअल, सेविंग्स, पेंशन प्लान है, जिसे विशेष रूप से हमारे उन ग्राहकों को कम लागत वाला रिटायरमेंट समाधान प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है जो मार्केट लिंक्ड रिटर्न की मदद से अपने रिटायरमेंट फंड को बढ़ाना चाहते हैं। यह स्मार्ट पेंशन प्लान, सिंगल, नियमित या सीमित पेमेंट करने, और 80 वर्ष की उम्र तक दीर्घकालिक कवरेज पाने की सुविधा प्रदान करता है।
यह रिटायरमेंट स्मार्ट प्लान, 2 प्लान चुनने का विकल्प देता है:
रिटायर स्मार्ट
रिटायर सिक्योर
इस रिटायरमेंट स्मार्ट प्लान के अंतर्गत डेथ बेनिफिट या मृत्यु लाभ का निर्धारण, पॉलिसी शुरू होने के समय आपके द्वारा चुने गए विकल्प के आधार पर किया जाएगा।
रिटायर स्मार्ट
पॉलिसी की समय अवधि समाप्त होने से पहले, पॉलिसी चालू रहने के दौरान, बीमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर, लाभार्थी/दावेदार को मृत्यु लाभ प्राप्त होगा और पॉलिसी समाप्त हो जाएगी। मृत्यु लाभ निम्नलिखित में से वही होगा जो अधिक होगा:
मृत्यु के समय बीमित राशि; या
मृत्यु की सूचना मिलने की तारीख पर फंड वैल्यू।
रिटायर सिक्योर
पॉलिसी की समय अवधि समाप्त होने से पहले, पॉलिसी चालू रहने के दौरान, बीमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर, लाभार्थी/दावेदार को निम्नानुसार मृत्यु लाभ प्राप्त होगा:
मृत्यु के समय बीमित राशि का पेमेंट तुरंत एक ही बार में किया जाता है
भविष्य के सभी प्रीमियम, यदि कोई हों, उनका पेमेंट हमारे द्वारा देय तिथि पर किया जाता है और पॉलिसी जारी रहती है
जहाँ,
पॉलिसी की समय अवधि के दौरान किसी भी समय मृत्यु होने पर बीमित राशि का परिमाण, दिए गए कुल प्रीमियम का 105% होगा।
मृत्यु के समय बीमित राशि का परिमाण, बीमित व्यक्ति की मृत्यु की तारीख से तुरंत पहले 2 (दो) वर्षों के दौरान की गई आंशिक निकासी की सीमा तक कम हो जाएगी।
पॉलिसी की समय अवधि के अंत में, वेस्टिंग तिथि को प्रचलित फंड वैल्यू मिल सकता है।
इसके अतिरिक्त, रिटायर स्मार्ट विकल्प का एक प्रमुख रिटायरमेंट लाभ यह है कि पॉलिसी की समय अवधि के दौरान काटे गए सभी मृत्यु शुल्क को फंड वैल्यू में फिर से जोड़ दिया जाएगा, बशर्ते पॉलिसी चालू हो और सभी देय प्रीमियम का पेमेंट कर दिया गया हो।
पहले वर्ष के प्रीमियम का पेमेंट किए जाने पर, आपके फंड वैल्यू में गारंटीड एडिशन्स1 नामक एक अतिरिक्त राशि जोड़ी जाती है।
IndiaFirst Life स्मार्ट रिटायरमेंट प्लान, पहले पॉलिसी वर्ष के लिए प्रीमियम एलोकेशन के समय फंड में गारंटीड एडिशन्स1 प्रदान करता है जिससे पॉलिसीधारक द्वारा दिए गए प्रीमियम की तुलना में फंड में ज्यादा एलोकेशन होता है। गारंटीड एडिशन्स1 का परिमाण, चुनी गई प्रीमियम पेमेंट अवधि और प्रीमियम फ्रीक्वेंसी के आधार पर अलग-अलग होता है। गारंटीड एडिशन्स के बारे में और ज्यादा जानकारी के लिए, कृपया प्रोडक्ट ब्रोशर देखें।
वेस्टिंग लाभ को टालने का विकल्प:
वेस्टिंग की तारीख को, पॉलिसीधारक के पास ओरिजिनल पॉलिसी की तरह के नियमों और शर्तों के साथ उसी पॉलिसी के भीतर संचय अवधि या आस्थगन अवधि को आगे बढ़ाने का विकल्प होगा। वेस्टिंग लाभ को टालने की सुविधा के बारे में और जानने के लिए, कृपया प्रोडक्ट ब्रोशर देखें
The retirement smart plan offers three fund options and two fund management strategies:
इस स्ट्रेटेजी की मदद से, आप अपनी रिस्क उठाने की चाहत और जरूरत के हिसाब से इनमें से एक, कई या सभी फंडों में इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं। इस तरीके से इन्वेस्टमेंट करने पर आपको अपने बाजार कौशल का उपयोग करने और मार्केट लिंक्ड इन्वेस्टमेंट्स के माध्यम से अपने रिटायरमेंट फंड्स का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठा सकते हैं।
The existing funds offered are –
फंड का नाम | फंड का उद्देश्य | रिटर्न और रिस्क प्रोफ़ाइल |
---|---|---|
पेंशन इक्विटी फंड (SFIN: ULIF 029210725PENDEBTFND143 | मुख्य रूप से लार्ज कैप कंपनियों की इक्विटी और इक्विटी-संबंधी इंस्ट्रूमेंट्स में इन्वेस्ट करके लम्बे समय में लगातार पूँजी को बढ़ाते रहना। | मध्यम से उच्च |
पेंशन डेबिट फंड (SFIN: ULIF029210725PENDEBTFND143) | कॉर्पोरेट डेब्ट इंस्ट्रूमेंट्स, सरकारी सिक्योरिटीज, और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में तरह-तरह से इन्वेस्टमेंट करके अच्छी ख़ास आय और पूँजी को बढ़ाने की संभावनाएं उत्पन्न करना | मध्यम |
पेंशन लिक्विड फंड (SFIN: ULIF030210725PENLIQFUND143) | कम समय वाले इंटरेस्ट रेट्स पर पूँजी को सुरक्षित करना और बढ़ाना और साथ में बहुत ज्यादा लिक्विडिटी प्रदान करना | कम |
इस स्ट्रेटेजी की मदद से आप अपने इन्वेस्टमेंट को डेब्ट से इक्विटी फंड्स में ट्रांसफ़र कर सकते हैं ताकि आप अपने लाभ को बढ़ा और सुरक्षित कर सके। इस फंड ट्रांसफर स्ट्रेटेजी के बारे में और ज्यादा जानने के लिए, कृपया प्रोडक्ट ब्रोशर देखें।
चार्ज या शुल्क का प्रकार | चार्ज या शुल्क का विवरण |
---|---|
प्रीमियम एलोकेशन चार्ज | शून्य |
पॉलिसी एडमिनिस्ट्रेशन चार्ज | शून्य |
फंड मैनेजमेंट चार्ज (FMC) | 1.35% |
मोर्टेलिटी चार्ज या मृत्यु दर शुल्क | मोर्टेलिटी चार्ज, बीमित व्यक्ति की उम्र और लिंग के आधार पर लगते हैं। वार्षिक मोर्टेलिटी चार्ज रेट्स, पॉलिसी की पूरी अवधि के दौरान गारंटीकृत होते हैं। हम सम-एट-रिस्क यानी जोखिमग्रस्त राशि पर मोर्टेलिटी चार्ज लगाएंगे, बशर्ते जोखिमग्रस्त राशि, ऋणात्मक न हो, अर्थात वह ऋणात्मक या शून्य नहीं होनी चाहिए। जोखिमग्रस्त राशि के बारे में और जानने के लिए कृपया प्रोडक्ट पॉलिसी डॉक्यूमेंट देखें। |
आंशिक निकासी शुल्क | इसमें कोई आंशिक निकासी शुल्क नहीं लगता है। |
पुनरुद्धार शुल्क | इसमें कोई पुनरुद्धार शुल्क नहीं लगता है। |
स्विचिंग शुल्क | इसमें कोई स्विचिंग शुल्क नहीं लगता है। |
IndiaFirst Life के स्मार्ट रिटायरमेंट प्लान में समापन शुल्कों के बारे में विस्तार से जानने के लिए कृपया प्रोडक्ट ब्रोशर देखें।
केवल रिटायरमेंट स्मार्ट प्लान की लॉक-इन समय अवधि के पूरा होने के बाद ही और केवल निम्नलिखित कारणों से ही आंशिक निकासी की जा सकती है:
बच्चों के लिए उच्च शिक्षा के लिए जिसमें कानूनी रूप से गोद लिए गए बच्चे भी शामिल हैं।
बच्चों की शादी के लिए, जिसमें कानूनी रूप से गोद लिए गए बच्चे भी शामिल हैं।
बीमित व्यक्ति के नाम पर या उसके कानूनी रूप से विवाहित जीवनसाथी के साथ संयुक्त नाम पर आवासीय मकान/फ्लैट खरीदने या बनाने के लिए। लेकिन, यदि बीमित व्यक्ति के पास पहले से ही कोई आवासीय मकान/फ्लैट (पैतृक संपत्ति के अलावा) है, तो आंशिक निकासी की अनुमति नहीं दी जाएगी।
स्वयं, पति/पत्नी या आश्रित बच्चों, जिनमें कानूनी रूप से गोद लिए गए बच्चे भी शामिल हैं, की गंभीर बीमारियों का इलाज करने के लिए।
बीमित व्यक्ति की विकलांगता या अशक्तता के कारण होने वाले चिकित्सा और आकस्मिक खर्च के लिए।
कौशल विकास/पुनः कौशल प्राप्ति या किसी अन्य स्व-विकास गतिविधियों के लिए बीमित व्यक्ति द्वारा किए जाने वाले खर्च के लिए।
बीमित व्यक्ति द्वारा अपने स्वयं के वेंचर या किसी स्टार्ट-अप की स्थापना के लिए किए जाने वाले खर्च के लिए।
समय-समय पर जारी किए जाने वाले IRDAI सर्कुलरों/ दिशानिर्देशों/ विनियमों के अनुसार किसी अन्य कारण के लिए।
हमारे रिटायरमेंट प्लान्स में आंशिक निकासी के बारे में और विस्तार से जानने के लिए कृपया प्रोडक्ट ब्रोशर देखें।
हम आपको त्रैमासिक, अर्धवार्षिक और वार्षिक प्रीमियमों का पेमेंट करने के लिए 30 दिनों की और मासिक प्रीमियमों का पेमेंट के लिए 15 दिनों का ग्रेस पीरियड या छूट अवधि प्रदान करते हैं। इसकी शुरूआत, प्रत्येक प्रीमियम पेमेंट के ड्यू डेट यानी नियत तिथि से होती है। इस छूट अवधि के दौरान आपके IndiaFirst Life स्मार्ट रिटायरमेंट प्लान को प्रभावी माना जाएगा और आपके सभी पॉलिसी लाभ जारी रहेंगे।
संभावित खरीदार अपने रिटायरमेंट के बाद की ज़रूरतों को बेहतर ढंग से समझने और उसके अनुसार अपनी खरीदारी की योजना बनाने के लिए रिटायरमेंट कैलकुलेटर का उपयोग कर सकते हैं। इससे उन्हें अपने प्रीमियम का लगातार पेमेंट करते रहने में मदद मिल सकती है।
आपको आपका पॉलिसी डॉक्यूमेंट मिलने की तारीख से 30 (तीस) दिनों का एक फ्री-लुक पीरियड या निःशुल्क अवलोकन अवधि मिलती है, चाहे वह डॉक्यूमेंट इलेक्ट्रॉनिक रूप से या किसी अन्य प्रकार से मिली हो, ताकि आप उसके नियमों और शर्तों की समीक्षा कर सकें। यदि आप उनमें से किसी भी नियम और शर्त से असहमत हैं, तो आप उस पर अपनी आपत्ति का कारण बताते हुए उस पॉलिसी को रद्द करने के लिए उसे हमें वापस कर सकते हैं, बशर्ते उस पॉलिसी के तहत कोई दावा न किया गया हो। ऐसी स्थिति में, रद्दीकरण के कारण के बावजूद, हम आपको गैर-आवंटित प्रीमियम, रद्दीकरण की तारीख को लागू नेट एसेट वैल्यू (NAV) के अनुसार एलोकेट की गई यूनिटों का मूल्य और प्रीमियम एलोकेशन चार्ज और यूनिटों को रद्द करने के कारण लगाए गए शुल्कों को वापस करने की व्यवस्था करेंगे, जिनमें से कवरेज अवधि तक के हिसाब से लगने वाले रिस्क प्रीमियम, स्टांप ड्यूटी शुल्क, चिकित्सा परीक्षा पर हमारे द्वारा किए गए खर्च, यदि कोई हो, और कंपनी द्वारा शुरू में दी गई गारंटीकृत वृद्धि राशि1 को काटा जा सकता है।
पॉलिसी के फ्री-लुक रद्दीकरण के लिए हमें प्राप्त होने वाले ऐसे अनुरोध पर, लागू होने योग्य कटौतियों के आधार पर, अनुरोध मिलने के 7 (सात) दिनों के भीतर कार्रवाई की जाएगी।
आप अपनी पॉलिसी अवधि के दौरान अपने फंड को जितनी बार चाहे उतनी बार स्विच कर सकते हैं और IndiaFirst Life स्मार्ट रिटायरमेंट प्लान के अंतर्गत उपलब्ध एक फंड से दूसरे फंड में जा सकते हैं। फ़िलहाल इस तरह स्विच करने पर कोई शुल्क नहीं लगता है। पॉलिसीधारक, बीमित व्यक्ति के नाबालिग होने के दौरान भी फंड्स को स्विच कर सकता है। अप्रयुक्त निःशुल्क स्विच का उपयोग, अगले महीने/वर्ष में नहीं किया जा सकता है।
IndiaFirst Life स्मार्ट रिटायरमेंट प्लान के अंतर्गत, आप हमें लिखित सूचना देकर अपने प्रीमियम को एक फंड से हटाकर दूसरे फंड में डाल सकते हैं। प्रीमियम रिडायरेक्शन के अंतर्गत, आप अपने भावी प्रीमियमों को किसी अन्य फंड या फंडों के समूह में रिडायरेक्ट कर सकते हैं। लेकिन, प्रीमियम रीडायरेक्शन विकल्प के अंतर्गत, आपके पिछले प्रीमियम एलोकेशन में कोई बदलाव नहीं होता है। फ़िलहाल प्रीमियम रिडायरेक्शन पर कोई चार्ज या शुल्क नहीं लगता है।
आप अपने स्मार्ट पेंशन प्लान में निम्नलिखित तरह के बदलाव कर सकते हैं –
आप अपने प्रीमियम पेमेंट अवधि के दौरान, बिना किसी चार्ज या फीस के, प्रीमियम फ्रीक्वेंसी (अर्थात, प्रीमियम पेमेंट मोड) में बदलाव कर सकते हैं। प्रीमियम फ्रीक्वेंसी में किया जाने वाला बदलाव सिर्फ उपलब्ध फ्रीक्वेंसी विकल्पों के अनुसार ही किया जा सकता है। लेकिन मृत्यु दावे के शुरू हो जाने के बाद, लाभार्थी/दावाकर्ता, प्लान विकल्प- रिटायर सिक्योर के अंतर्गत प्रीमियम फ्रीक्वेंसी में बदलाव नहीं कर सकता है।
हम आपकी यूनिटों का वैल्यू, IRDAI द्वारा जारी किए गए यूनिट-लिंक्ड दिशानिर्देशों के अनुसार मालूम करेंगे। प्राधिकरण के मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार, यूनिट के मूल्य की गणना निम्नलिखित तरीके से की जाएगी:
परिसंपत्तियों का मार्केट वैल्यू, जोड़: वर्तमान परिसंपत्तियों का वैल्यू, घटाव: वर्तमान देनदारियों और प्रावधानों का वैल्यू, यदि कोई हो, भाग: वैल्यूएशन की तारीख (यूनिटों को बनाए जाने / रेडीम किए जाने से पहले) को मौजूदा यूनिटों की संख्या से।
वैल्यूएशन की तारीख (किसी भी यूनिट को रेडीम किए जाने से पहले) को फंड में कुल यूनिटों की संख्या से भाग देने पर, हमें संबंधित फंड का यूनिट मूल्य मालूम हो जाता है।
प्रत्येक प्रीमियम (नया बिज़नस या रिन्यूअल) को प्रस्ताव फॉर्म में चुने गए अनुसार, या बाद में किए गए अनुरोध के माध्यम से, या चुनी गई इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी के अनुसार, एलोकेशन चार्ज, यदि कोई हो, को घटाने के बाद फंड विकल्पों में एलोकेट किया जाता है। प्रीमियम एलोकेशन के बारे में पूरी जानकारी हासिल करने के लिए, कृपया प्रोडक्ट ब्रोशर देखें।
हाँ, आपके स्मार्ट पेंशन प्लान में कुछ रिस्क भी शामिल हैं।
IndiaFirst Life इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड बस एक इंश्योरेंस कंपनी का नाम है, और " IndiaFirst Life स्मार्ट रिटायरमेंट प्लान" बस इस यूनिट-लिंक्ड फंड-आधारित इंश्योरेंस पॉलिसी का नाम है और यह किसी भी तरह से इस पॉलिसी की गुणवत्ता, इसकी भावी संभावनाओं या रिटर्न का संकेत नहीं देता है।
यूनिट-लिंक्ड इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स में इन्वेस्टमेंट संबंधी रिस्क होते हैं, जिन्हें आपको खुद उठाना पड़ता है।
यूनिट-लिंक्ड इंश्योरेंस पॉलिसियों में दिए जाने वाले प्रीमियमों में, कैपिटल मार्केट्स से जुड़े इन्वेस्टमेंट संबंधी रिस्क होते हैं, और यूनिटों का NAV, फंड्स के परफॉरमेंस और कैपिटल मार्केट को प्रभावित करने वाले कारकों के आधार पर बढ़ या घट सकता है, और बीमित व्यक्ति, अपने निर्णय के लिए खुद जिम्मेदार होता है।
फंड्स में किए जाने वाले इन्वेस्टमेंट्स में, मार्केट से जुड़े रिस्क होते हैं, और इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो में किए जाने वाले इन्वेस्टमेंट से जुड़े रिस्क को खुद आपको उठाना पड़ता है।
इस पॉलिसी में दिखाई देने वाले फंड्स या उनके नाम, किसी भी तरह से उन फंड्स की गुणवत्ता, भावी संभावनाओं या रिटर्न की गारंटी नहीं देते हैं। हमारे किसी भी फंड का पिछला परफॉरमेंस, इनमें से किसी भी फंड के भावी परफॉरमेंस का संकेत नहीं देता है।
हम फंड वैल्यू या NAV की गारंटी नहीं देते हैं। कृपया ध्यान दें कि मार्केट रिस्क और उन फंड्स के परफॉरमेंस के आधार पर, जिनसे ये यूनिटें संबंधित हैं, फंड वैल्यू या NAV घट, बढ़ या अपरिवर्तित रह सकती है। हमने किसी भी फंड के उद्देश्य के पूरा होने का आश्वासन नहीं दिया है।
ये फंड्स, इस पॉलिसी के अंतर्गत हमारे द्वारा गारंटीकृत या आश्वस्त सीमा को छोड़कर, कोई गारंटीकृत या सुनिश्चित रिटर्न प्रदान नहीं करते हैं।
नहीं। हमारा कोई भी फंड, गारंटीकृत या सुनिश्चित रिटर्न नहीं देता है, सिवाय उस सीमा के जो इस पॉलिसी के अंतर्गत हमारे द्वारा गारंटीकृत या सुनिश्चित की गई हो। फंड के नाम, संबंधित फंड्स की गुणवत्ता, उनकी भावी संभावनाओं, या रिटर्न का संकेत नहीं देते हैं।
हमारे अन्य फंडों का पिछला परफॉरमेंस, आवश्यक रूप से इनमें से किसी भी फंड के भावी परफॉरमेंस का संकेत नहीं देता है।
23.03.2015 को संशोधित बीमा कानून (संशोधन) अधिनियम 2015 के रूप में, बीमा अधिनियम 1938 की धारा 45 के अनुसार, लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी से संबंधित जिन प्रावधानों पर प्रश्न नहीं उठाया गया है, वे निम्नलिखित हैं:
किसी भी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के बारे में किसी भी आधार पर उसकी 3 वर्ष की अवधि की समाप्त होने के बाद प्रश्न नहीं उठाया जाएगा
पॉलिसी जारी करने की तारीख से या
रिस्क के शुरू होने की तारीख से या
पॉलिसी के पुनरुद्धार की तारीख से या
पॉलिसी में राइडर के शामिल होने की तारीख से, इनमें से जो भी बाद में हो।
धोखाधड़ी के आधार पर, लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के बारे में 3 वर्ष के भीतर प्रश्न उठाया जा सकता है
पॉलिसी जारी करने की तारीख से या
रिस्क के शुरू होने की तारीख से या
पॉलिसी के पुनरुद्धार की तारीख से या
पॉलिसी में राइडर के शामिल होने की तारीख से, इनमें से जो भी बाद में हो।
इसके लिए, इंश्योरेंस कंपनी को बीमित व्यक्ति या उसके कानूनी प्रतिनिधि या नामिती या समनुदेशिती को लिखित रूप में सूचित करना चाहिए, जिसमें उस आधार और सामग्री का उल्लेख होना चाहिए जिसके आधार पर ऐसा निर्णय लिया गया है। .
धोखाधड़ी का मतलब है निम्नलिखित में से ऐसा कोई कार्य जिसे बीमित व्यक्ति या उसके एजेंट द्वारा इंश्योरेंस कंपनी को धोखा देने या इंश्योरेंस कंपनी को लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी जारी करने के लिए प्रेरित करने के इरादे से किया गया हो:
ऐसा कोई सुझाव, जो तथ्य के आधार पर सच न हो और जिसे इंश्योरेंस कंपनी, सच नहीं मानती है;
बीमित व्यक्ति द्वारा किसी बात को सक्रिय रूप से छिपाना जिसके बारे में उसे पता है या ऐसा माना जा सके कि उसे पता है;
कोई अन्य कार्य जो धोखा देने के लिए उपयुक्त हो; और
ऐसा कोई कार्य या चूक जो कानून की नजर में विशेष रूप से धोखाधड़ी वाला कार्य या चूक हो।
केवल चुप रहना तब तक धोखाधड़ी नहीं कहलाता है, जब तक कि संबंधित मामले की परिस्थितियों के आधार पर, बीमित व्यक्ति या उसके एजेंट के लिए चुप रहना उसका कर्तव्य न हो, या चुप रहना अपने आप में बोलने के बराबर हो।.
कोई भी इंश्योरेंस कंपनी, धोखाधड़ी के आधार पर किसी भी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी को अस्वीकार नहीं करेगी, यदि बीमित व्यक्ति/लाभार्थी यह साबित कर सके कि उसने जो गलत बयान दिया था वह उसकी जानकारी के अनुसार सही बयान था और इस बात को जानबूझकर छिपाने का उसका कोई इरादा नहीं था, या इंश्योरेंस कंपनी को ऐसे गलत बयान या महत्वपूर्ण तथ्य को छिपाए जाने की जानकारी है। इस बात का खंडन करने का दायित्व, पॉलिसीधारक, यदि जीवित हो, या लाभार्थियों पर होगा।
लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी पर तीन वर्षों के भीतर इस आधार पर सवाल उठाया जा सकता है कि प्रपोजल या अन्य डॉक्यूमेंट में, जिसके आधार पर पॉलिसी को जारी, पुनर्जीवित किया गया, या राइडर जारी किया गया था, बीमित व्यक्ति के जीवित रहने की उम्मीद के बारे में गलत जानकारी दी गई थी या उस जानकारी को छिपा दिया गया था। इसके लिए, इंश्योरेंस कंपनी को बीमित व्यक्ति या उसके कानूनी प्रतिनिधि या नामिती या समनुदेशिती को लिखित रूप में सूचित करना चाहिए, जिसमें लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी को अस्वीकार करने का निर्णय लेने के आधार और तथ्यों का उल्लेख होना चाहिए।
यदि अस्वीकृति, गलत बयान के आधार पर की गई है, धोखाधड़ी के आधार पर नहीं, तो बीमित व्यक्ति या उसके कानूनी प्रतिनिधि या नामिती या समनुदेशिती को, अस्वीकृति की तारीख से 90 दिनों की अवधि के भीतर, अस्वीकृति की तारीख तक पॉलिसी पर एकत्रित प्रीमियम का पेमेंट किया जाएगा।.
इस बात को तब तक महत्वपूर्ण नहीं माना जाएगा जब तक कि इंश्योरेंस कंपनी द्वारा उठाए गए रिस्क पर उसका सीधा प्रभाव न पड़ता हो। यह साबित करने का दायित्व, इंश्योरेंस कंपनी पर है कि यदि इंश्योरेंस कंपनी को उस बात की जानकारी होती, तो बीमित व्यक्ति को कोई लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी जारी नहीं की जाती।
इंश्योरेंस कंपनी, किसी भी समय उम्र के प्रमाण मांग कर सकती है, यदि उसे ऐसा करने का हक है, और किसी भी पॉलिसी पर सिर्फ इसलिए सवाल नहीं उठाया जाएगा क्योंकि पॉलिसी की शर्तों को बाद में बीमित व्यक्ति की उम्र के प्रमाण के आधार पर एडजस्ट किया गया है। इसलिए, आगे चलकर दिए गए उम्र के प्रमाण के आधार पर उम्र पर सवाल उठाने या एडजस्ट करने के लिए इस धरा का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
[डिस्क्लेमर: यह बीमा कानून (संशोधन) अधिनियम, 2015 के संशोधनों की एक व्यापक सूची नहीं है, बल्कि यह बस सामान्य जानकारी के लिए तैयार किया गया एक सरल संस्करण है। पॉलिसीधारकों को यह सलाह दी जाती है कि वे सम्पूर्ण और सटीक विवरण के लिए 23.03.2015 का बीमा कानून (संशोधन) अधिनियम, 2015 देखें।
डिस्क्लेमर
#केवल पहले पॉलिसी वर्ष के प्रीमियम पर गारंटीड एडिशन के रूप में अधिक से अधिक 5% तक का एलोकेशन मिलता है। गारंटीड एडिशन, चुने गए PPT और पेमेंट फ्रीक्वेंसी के आधार पर अलग-अलग होगा जिसे फ्री लुक अवधि के दौरान पॉलिसी रद्द किए जाने पर वसूल लिया जाएगा।
*शून्य पॉलिसी एडमिनिस्ट्रेशन और प्रीमियम एलोकेशन चार्ज
^हमारी फंड स्विच स्ट्रेटेजी की मदद से
लिंक्ड इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स, ट्रेडिशनल इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स से अलग, और जोखिम कारकों के अधीन होते हैं। यूनिट-लिंक्ड लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों के तहत दिए जाने वाले प्रीमियम, कैपिटल मार्केट से जुड़े इन्वेस्टमेंट जोखिमों के अधीन होते हैं और यूनिटों का NAV, फंड के परफॉरमेंस और कैपिटल मार्केट को प्रभावित करने वाले कारकों के आधार पर बढ़ या घट सकता है, और बीमित व्यक्ति,अपने निर्णयों के लिए स्वयं जिम्मेदार होता है। IndiaFirst Life इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड बस एक इंश्योरेंस कंपनी का नाम है और IndiaFirst Life स्मार्ट रिटायरमेंट प्लान (UIN 143L076V01) बस एक लिंक्ड लाइफ इंश्योरेंस कॉन्ट्रैक्ट का नाम है और यह किसी भी तरह से कॉन्ट्रैक्ट की गुणवत्ता, उसकी भावी संभावनाओं या रिटर्न का संकेत नहीं देता है। कृपया अपने इंश्योरेंस एजेंट या मध्यस्थ की मदद से, या इंश्योरेंस कंपनी द्वारा जारी किए गए पॉलिसी दस्तावेज़ों के माध्यम से संबंधित जोखिमों और लागू होने वाले शुल्कों की जानकारी प्राप्त करें। इस कॉन्ट्रैक्ट के अंतर्गत प्रदान किए जाने वाले तरह-तरह के फंड बस कुछ फंडों के नाम हैं और ये किसी भी तरह से इन प्लान्स की गुणवत्ता, भावी संभावनाओं और रिटर्न का संकेत नहीं देते हैं। इन्वेस्टमेंट फंड्स का पिछला परफॉरमेंस, उनके भावी परफॉरमेंस का संकेत नहीं देता है। इस स्कीम में इन्वेस्ट करने वाले इन्वेस्टरों को कोई गारंटीड/सुनिश्चित रिटर्न नहीं दिया जा रहा है। प्रीमियम और फंड, फंड या दिए गए प्रीमियम से संबंधित कुछ शुल्कों के अधीन होते हैं। जोखिम कारकों और नियमों व शर्तों के बारे में और जानने के लिए, कृपया बिक्री संपन्न करने से पहले सेल्स ब्रोशर को ध्यान से पढ़ लें। IndiaFirst Life इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, IRDAI रजिस्ट्रेशन नंबर 143, CIN: U66010MH2008PLC183679, पता: 12वीं और 13वीं मंजिल, नॉर्थ टॉवर, बिल्डिंग 4, नेस्को आईटी पार्क, नेस्को सेंटर, वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, गोरेगांव (पूर्व), मुंबई - 400 063. टोल फ्री नंबर - 18002098700। ईमेल आईडी: customer.first@indiafirstlife.com, वेबसाइट: www.indiafirstlife.com । फैक्स नंबर: +912268570600। ऊपर दिखाई देने वाला ट्रेड लोगो, हमारे प्रमोटर मेसर्स बैंक ऑफ बड़ौदा का है और उसका उपयोग, IndiaFirst Life इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा लाइसेंस के तहत किया जाता है। बैंक के कस्टमर के द्वारा किसी भी इंश्योरेंस प्रोडक्ट की खरीदारी, पूरी तरह से उनकी इच्छा पर निर्भर करता है, और बैंक से कोई अन्य सुविधा प्राप्त करने के साथ इसका कोई संबंध नहीं है।
सभी को देखें